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तेजी से बढ़ रहा है भारत का रियल एस्टेट सेक्टर, 70% बढ़ा निवेश, आखिर क्या है वजह​

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर बड़े निवेशकों का भरोसा बढ़ता दिख रहा है. अप्रैलजून 2026 तिमाही में इस सेक्टर में 2.9 अरब डॉलर का संस्थागत निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 70% अधिक है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और विदेशी निवेशकों की मजबूत […]

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर बड़े निवेशकों का भरोसा बढ़ता दिख रहा है. अप्रैलजून 2026 तिमाही में इस सेक्टर में 2.9 अरब डॉलर का संस्थागत निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 70% अधिक है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी Colliers की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और विदेशी निवेशकों की मजबूत भागीदारी और बड़े सौदों की वजह से निवेश में यह तेज उछाल देखने को मिला.

छह साल का सबसे मजबूत पहला छह महीना

रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के दौरान भारतीय रियल एस्टेट में कुल 4.5 अरब डॉलर का संस्थागत निवेश हुआ. यह पिछले साल के मुकाबले 50% ज्यादा है और पिछले छह वर्षों में पहली छमाही का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है. इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा भारतीय प्रॉपर्टी बाजार पर लगातार मजबूत हो रहा है.

घरेलू और विदेशी निवेशकों ने बढ़ाया दांव

अप्रैलजून तिमाही में घरेलू निवेशकों ने 1.33 अरब डॉलर का निवेश किया, जो कुल निवेश का 46% रहा. वहीं विदेशी निवेशकों ने 1.54 अरब डॉलर का निवेश किया और उनकी हिस्सेदारी 54% रही. पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों ने भारत के रियल एस्टेट बाजार में भरोसा बनाए रखा.

ऑफिस स्पेस और डेटा सेंटर बने निवेश की पहली पसंद

इस दौरान सबसे ज्यादा निवेश ऑफिस प्रॉपर्टी में हुआ. पहली छमाही में इस सेगमेंट में करीब 1.9 अरब डॉलर का निवेश आया, जो कुल निवेश का 40% से ज्यादा है. इसके अलावा मिक्स्डयूज प्रोजेक्ट, डेटा सेंटर और अन्य वैकल्पिक एसेट्स में भी निवेश तेजी से बढ़ा. वहीं आवासीय रियल एस्टेट में निवेश 43% घटकर करीब 50 करोड़ डॉलर रह गया.

चेन्नई और बेंगलुरु रहे सबसे आगे

निवेश आकर्षित करने के मामले में चेन्नई और बेंगलुरु सबसे आगे रहे. दोनों शहरों ने मिलकर पहली छमाही में करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश हासिल किया, जो कुल निवेश का लगभग 27% है. इन दोनों शहरों में सबसे ज्यादा निवेश ऑफिस प्रॉपर्टी में हुआ. इसके अलावा कई मल्टीसिटी प्रोजेक्ट्स और छोटे शहरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई.

आगे भी मजबूत रह सकता है बाजार

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, कॉर्पोरेट विस्तार, डेटा सेंटर की बढ़ती मांग और बेहतर कारोबारी माहौल के चलते आने वाले महीनों में भी रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का रुख मजबूत बना रह सकता है. खासकर कमर्शियल प्रॉपर्टी और वैकल्पिक एसेट्स में निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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