विधायक जावेद चौधरी ने उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के निर्देशों की अनदेखी कर फंड आवंटन में अनियमितता और अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों का बजट मोड़ने का आरोप लगाया है।

सत्तारूढ़ नेशनल कन्फ्रेंस में बढ़ती गुटबाजी के बीच उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर उनकी ही पार्टी के विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जनता का भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया है।
राजौरी जिले के बुढ़ाल से विधायक जावेद चौधरी ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद उपमुख्यमंत्री ने फंड आवंटन में कथित अनियमितताओं को दूर करने के बजाय उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से हाथ मिला लिया। उपमुख्यमंत्री के रवैये को ‘तानाशाही और निरंकुश’ बताते हुए जावेद चौधरी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और जनता, दोनों के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है।
उनका कहना था कि तीन जून को दाचीगाम में हुई बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उपमुख्यमंत्री को फंड आवंटन सहित अन्य मामलों में कथित गड़बड़ियों को दूर करने के निर्देश दिए थे। ‘लेकिन गलतियों को सुधारने के बजाय उन्होंने हमारे विरोधियों से हाथ मिला लिया, ताकि उनके खिलाफ आवाज उठाने की सजा हमें दी जा सके,’ जावेद ने आरोप लगाया।
21.47 करोड़ अकेले उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में खर्च
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री उन विधायकों को नेशनल कॉन्फ्रेंस से निष्कासित कराने की धमकी देते हैं, जो उनके खिलाफ आवाज उठाते हैं। जावेद चौधरी ने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री ने राजौरी जिले के अधिकांश विकास कार्यों का बजट अपने विधानसभा क्षेत्र नौशेरा की ओर मोड़ दिया है।
उनके अनुसार, वित्त वर्ष 202526 में एसएएससीआई योजना के तहत 33.71 करोड़ रुपये के कुल व्यय में से 21.47 करोड़ रुपये केवल नौशेरा विधानसभा क्षेत्र में खर्च किए गए। इसके अलावा, इस योजना के तहत राजौरी जिले के लिए आवंटित 9.22 करोड़ रुपये भी नौशेरा क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि नानफंक्शनल बिल्डिंग्स योजना के तहत वर्ष 202526 में खर्च किए गए 1.28 करोड़ रुपये में से 1.03 करोड़ रुपये भी केवल उपमुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में खर्च किए गए। जावेद चौधरी ने यह भी दावा किया कि यूटी कैपेक्स बजट 202526 के तहत 200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। इनमें से 137 करोड़ रुपये की लागत वाले पुल केवल नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जबकि जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में एक भी पुल को मंजूरी नहीं मिली।
उपमुख्यमंत्री का पक्ष नहीं मिल सका
आरोपों पर प्रतिक्रिया के लिए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनके सचिव ने बताया कि उपमुख्यमंत्री जम्मू से श्रीनगर की यात्रा पर हैं। उनके मोबाइल फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया और संदेश छोड़ा गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।




