शेयर बाजार में मंगलवार का दिन ‘नौकरी डॉट कॉम’ की पैरेंट कंपनी इन्फो एज के निवेशकों के लिए बेहद शानदार साबित हुआ. कंपनी के शेयरों में एक ही दिन में करीब 12 फीसदी की भारी तेजी दर्ज की गई. बाजार में इस जोरदार उछाल के पीछे कोई हवाहवाई खबर नहीं है, बल्कि कंपनी के मजबूत तिमाही बिलिंग आंकड़े हैं. दरअसल, कंपनी के रिक्रूटमेंट बिजनेस में आई तेज ग्रोथ, एडटेक स्टार्टअप ‘कोडिंग निन्जास’ के पूर्ण अधिग्रहण और नए फंड निवेश की खबरों ने बाजार में इस शेयर को एक मजबूत सपोर्ट दिया है.

कमाई का शानदार रिकॉर्ड शेयर बाजार में लाया बहार
इन्फो एज ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के जो आंकड़े पेश किए हैं, वे बाजार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरे हैं. कंपनी की स्टैंडअलोन बिलिंग 737 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. पिछले साल ठीक इसी अवधि में यह आंकड़ा 644 करोड़ रुपये था. सीधे शब्दों में समझें तो कंपनी की बिलिंग में सालाना आधार पर 14 फीसदी की ठोस ग्रोथ हुई है. यह इस बात का साफ संकेत है कि बाजार में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. कंपनी के सबसे बड़े ग्रोथ इंजन यानी ‘रिक्रूटमेंट सॉल्यूशंस’ ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इस सेगमेंट की बिलिंग 470 करोड़ रुपये से बढ़कर 552 करोड़ रुपये हो गई है. लगभग 17 फीसदी की यह छलांग बताती है कि देश में कंपनियों ने हायरिंग तेज कर दी है, जिसका सीधा आर्थिक फायदा इन्फो एज को मिल रहा है.
99acres समेत जीवनसाथी का जलवा बरकरार
इन्फो एज का कारोबार सिर्फ जॉब पोर्टल तक सीमित नहीं है, बल्कि रियल एस्टेट और मैट्रिमोनी बाजार में भी इसका बड़ा दखल है. कंपनी के रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म ’99acres’ की बिलिंग बढ़कर 110 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है. वहीं, ‘जीवनसाथी’ प्लेटफॉर्म ने भी करीब 40 करोड़ रुपये की शानदार बिलिंग दर्ज की है. हालांकि, एजुकेशन प्लेटफॉर्म ‘शिक्षा’ के आंकड़ों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है, लेकिन बाकी सेगमेंट की बंपर कमाई ने पूरे डिजिटल कारोबार का संतुलन बेहतरीन तरीके से बनाए रखा है. यही वजह है कि एक सेगमेंट में सुस्ती के बावजूद कंपनी की कुल ग्रोथ बेपटरी नहीं हुई.
कोडिंग निन्जास पर पूरा कब्जा कंपनी का बड़ा दांव
शेयरों में इस रॉकेट जैसी तेजी की एक और बड़ी वजह कंपनी के निवेश से जुड़े फैसले हैं. इन्फो एज के बोर्ड ने ‘कोडिंग निन्जास’ में बची हुई 45 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदने को हरी झंडी दे दी है. इस डील पर कंपनी लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस सौदे के पूरा होते ही यह कंपनी पूरी तरह से इन्फो एज के ओनरशिप वाली सब्सिडियरी बन जाएगी. इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने B8 फंड में 180 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश को भी अपनी मंजूरी दी है.
मजबूत बहीखाता से निवेशकों का बढ़ा भरोसा
साल 1995 में नोएडा से शुरू हुई इन्फो एज आज देश की प्रमुख इंटरनेट और डिजिटल क्लासिफाइड कंपनियों में शुमार है. कंपनी का वित्तीय आधार बेहद मजबूत है, जो लंबी अवधि के निवेशकों को आकर्षित करता है. वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 750 करोड़ रुपये से बढ़कर 869 करोड़ रुपये हो गया था. शुद्ध मुनाफा भी 678 करोड़ रुपये से छलांग लगाकर 756 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था. सबसे राहत की बात यह है कि कंपनी पर कर्ज का बोझ ना के बराबर है. इसका डेटटूइक्विटी रेशियो महज 0.01 है, जो वित्तीय सेहत के नजरिए से बहुत शानदार माना जाता है.




