लाखों रुपये की अतिरिक्त कमाई के लालच में दिल्ली एयरपोर्ट पर टेक्निकल इंजीनियर के पद पर तैनात एक शख्स गांजा तस्करी के कारोबार में शामिल हो गया. उसने अपने साथी के साथ मिलकर ऑनलाइन माध्यम से नशे का नेटवर्क खड़ा कर लिया. नोएडा की सेक्टर58 थाना पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से करीब 12 किलो अवैध गांजा, तस्करी में इस्तेमाल एक बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गांजे की बिक्री के लिए ऑनलाइन संपर्क और डिलीवरी का तरीका अपनाते थे. इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे, जिनके जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाई जाती थी।. गिरोह के सदस्य लोगों को इन ग्रुपों से जोड़ते और गांजे की उपलब्धता तथा सप्लाई से जुड़ी जानकारी साझा करते थे.
व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ते थे ग्राहक
नोएडा की डीसीपी प्रीति यादव के मुताबिक, आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए गांजे की ऑनलाइन बिक्री का नेटवर्क चला रहे थे. पुलिस के अनुसार, गिरोह की नजर खासतौर पर पढ़ेलिखे युवाओं, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर थी, जो ऑनलाइन माध्यम से संपर्क कर गांजा मंगवाते थे. पुलिस ने बताया कि आरोपी गांजे की पैकिंग और सप्लाई के लिए अमेजॉन के पैकेट का इस्तेमाल करते थे. इस तरह नशीले पदार्थ की डिलीवरी को सामान्य ऑनलाइन पार्सल जैसा दिखाने की कोशिश की जाती थी. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस तरीके से कितने लोगों तक गांजा पहुंचाया गया.
हॉस्टल और कॉलेज तक फैला था नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह नोएडा और एनसीआर के हॉस्टलों तथा कॉलेजों को सप्लाई के लिए निशाना बनाता था. युवाओं और छात्रों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए ऑनलाइन संपर्क के बाद डिलीवरी की व्यवस्था की जाती थी. पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से करीब 12 किलो गांजा, एक बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं. अब मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि व्हाट्सएप ग्रुप, ग्राहकों और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके.
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा गांजे की सप्लाई किनकिन इलाकों में की जा रही थी.