उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पिछले दिनों समाजवादी पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में हुए थप्पड़ कांड की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है. वहीं गोरखपुर में यह मामला जातीय गोलबंदी का रूप लेने लगा है. एक तरफ रामनगीना साहनी के समर्थन में निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने मोर्चा संभालते हुए थप्पड़ मारने वालों के हाथ काटने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर अंशुमान सिंह के समर्थन में क्षत्रिय समाज उमड़ पड़ा है. क्षत्रिय समाज के लोगों ने डॉ. निषाद के खिलाफ हूंकार भरते हुए उन्हें मछली भर काटने तक सीमित रहने को कहा है.

संजय निषाद के बयान के बाद बांसगांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में उमड़े क्षत्रिय समाज के लोगों ने कहा कि निषाद का काम मछली काटना है, वह मछली ही काटें, हाथ काटने और गोली मारने का काम तो क्षत्रियों का है. इस मौके पर समाज के लोगों ने थप्पड़ कांड में अंशुमान सिंह पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लेने की मांग की. कहा कि मुकदमा वापस नहीं हुआ तो समाज के लोग आंदोलन के लिए विवश होंगे.
क्या है मामला?
बता दें कि सपा के प्रेस कांफ्रेंस में कुर्सी को लेकर हुए विवाद में पूर्व सपा नेता अंशुमान सिंह के बेटे रामनगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के अखिलेश यादव ने अंशुमान सिंह को पार्टी से बाहर करते हुए जिले की कार्यकारिणी भंग कर दी थी. वहीं रामनगीना साहनी की तहरीर पर पुलिस पर अंशुमान सिंह समेत कई अन्य के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था. इस पुलिसिया कार्रवाई के विरोध मों आज दुर्गा मंदिर में क्षत्रिय समाज के लोग एकत्र हुए और जोरदार आक्रोश व्यक्त किया.
संजय निषाद के बयान पर बवाल
इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने रामनगीना साहनी के पक्ष में प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने थप्पड़ मारने वालों के हाथ काटने और गोली मारने की बात कही थी. इस बयान पर क्षत्रिय समाज के लोगों ने रोष जताया. वहीं बयान पर पलटवार करते हुए समाज के लोगों ने कहा कि हाथ काटना और गोली मारना तो उनका काम है. संजय निषाद मछली काटने वाले हैं, वहीं तक सीमित रहें. दोनों पक्षों का बयान सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है.
अंशुमान सिंह ने जताया आभार
थप्पड़ कांड और एफआईआर के बाद अकेले पड़े अंशुमान सिंह ने क्षत्रिय समाज के इस समर्थन पर आभार प्रकट किया है. उन्होंने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला है. इसमें वह अपने समाज और बांसगांव क्षेत्र वासियों का आभार व्यक्त कर रहे हैं. कह रहे हैं कि ‘मेरे दुख की इस घड़ी में मेरे क्षेत्र और समाज के लोग मेरे साथ खड़े हैं, आप सभी को नमन करता हूं’. दूसरी ओर यह मामला अब राजनीतिक और जातीय संघर्ष का रूप लेता नजर आ रहा है.