भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर सेक्शन पर 4-लेन वाले तिरुवरूर बाइपास बनाने की मंजूरी दे दी है। इस बाइपास को बनाने में में 1427.61 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है, जिसके लिए सरकार ने मंजूरी दी है। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ये परियोजना 14.9 किलोमीटर तक फैली हुई है और इसमें NH-129A और NH-134A पर दो अतिरिक्त रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण भी शामिल है।
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नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट में इस परियोजना से जुड़ी कुछ अहम जानकारी साझा की है। केंद्रीय मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, ”तमिलनाडु में हमने NH-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर सेक्शन पर 14.9 किलोमीटर लंबे 4-लेन वाले तिरुवरूर बाइपास निर्माण के लिए 1427.61 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही NH-129A और NH-134A पर दो अतिरिक्त रोड ओवर ब्रिज भी बनाए जाएंगें। ये रणनीतिक परियोजना तिरुचिरापल्ली और कोयंबटूर जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को कराईकल और नागपट्टिनम के बंदरगाह शहरों से जोड़ने में मदद करेगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”
तिरुवरूर शहर में ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा
बताते चलें कि तिरुवरूर बाइपास का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद ये नई सड़क तिरुवरूर शहर में यातायात जाम की समस्या को काफी हद तक कम कर देगा। इतना ही नहीं, इस बाइपास से यात्रा का समय भी लगभग 15 मिनट तक कम हो जाएगा और घनी आबादी वाले तथा वाणिज्यिक क्षेत्रों में यातायात का मार्ग परिवर्तित करते हुए सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगा।
आम लोगों की सुविधा के साथ-साथ उद्योगों को भी बढ़ावा
बताते चलें कि मौजूदा केंद्र सरकार इंफ्रा पर काफी फोकस किए हुए है। सरकार एक सड़क होने के बावजूद नई सड़कें बना रही हैं, ताकि पहली सड़क पर लगने वाले भारी जाम को कम किया जा सके और आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों को सुविधा मिल सके। नई सड़क बनाने के पीछे सरकार का उद्देश्य आम लोगों की सुविधा के साथ-साथ उद्योगों को भी बढ़ावा देना है।





