अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे T20 में टीम इंडिया की शानदार जीत के बाद संजू सैमसन ने टीम में लिए जा रहे मुश्किल फैसलों को लेकर खुलकर बात की। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में संजू ने बल्ले से तूफान मचाते हुए सिर्फ 22 गेंदों में 57 रन ठोक दिए। हालांकि, मैच के बाद उनके बयान में कप्तानी और टीम मैनेजमेंट के सामने आने वाली चुनौतियों की झलक भी देखने को मिली।

टीम में जगह बनाना आसान नहीं Sanju Samson
संजू सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय टीम को चलाना आसान नहीं है। 15 साल के वैभव ने घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, इसलिए उन्हें टीम में मौका देना भी जरूरी है।
लेकिन दूसरी तरफ संजू खुद T20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। संजू ने माना कि जब वह कुछ मैचों में प्रदर्शन नहीं कर पाए थे और वैभव फॉर्म में थे, तब टीम के लिए फैसला लेना आसान नहीं रहा होगा। उनके मुताबिक नेतृत्व के नजरिए से इस तरह के फैसलों को समझा जा सकता है।
‘मैं भी कप्तान रह चुका हूं, समझ सकता हूं’
संजू सैमसन ने बताया कि वह खुद कप्तानी कर चुके हैं और ऐसे मुश्किल फैसलों का हिस्सा रहे हैं। उनका मानना है कि टीम मैनेजमेंट के लिए लोकप्रिय फैसले लेना आसान होता है, लेकिन जब किसी बड़े खिलाड़ी को बाहर बैठाना पड़े तो स्थिति अलग हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय में खिलाड़ियों और नेतृत्व समूह के बीच बातचीत बेहद जरूरी होती है। संजू के मुताबिक, सही कम्युनिकेशन से मुश्किल फैसलों को समझना आसान हो जाता है।
Sanju Samson ने बल्ले से दिया जोरदार जवाब
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे T20 में संजू सैमसन ने अपनी बल्लेबाजी से भी दम दिखाया। उन्होंने 22 गेंदों में 57 रन बनाए और भारत को लक्ष्य का पीछा करने में तेज शुरुआत दिलाई। उनके साथ अभिषेक शर्मा ने भी 19 गेंदों पर 39 रन की पारी खेली।
भारत ने 160 रन के लक्ष्य को महज 14.5 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की T20 सीरीज में 20 की अजेय बढ़त बना ली। अब तीसरे मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है या नहीं।