सहारनपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गुरुवार रात से शुक्रवार तड़के तक आए आंधी-तूफान और भारी बारिश ने कई जिलों में तबाही मचा दी। सबसे भयावह स्थिति सहारनपुर के शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में देखने को मिली, जहां शिवालिक पहाड़ियों से अचानक आए तेज जलप्रवाह ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए।

पानी के तेज बहाव में दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और दुकानें बह गईं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई लोगों की जान चली गई तथा मकानों, पशुओं और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।
शाकंभरी देवी क्षेत्र में अचानक आया सैलाब
सहारनपुर के सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में गुरुवार देर रात अचानक मौसम बदल गया। शिवालिक पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ों से भारी मात्रा में पानी नीचे उतर आया, जिससे शाकंभरी खोल में जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। अचानक आए तेज बहाव से अफरा-तफरी मच गई। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि अस्थायी पुल बह गया और कई वाहन पानी में समा गए। इस हादसे में हरिद्वार निवासी सावित्री देवी (65) समेत दो महिला श्रद्धालुओं की पानी में बहने से मौत हो गई।
वाहन, दुकानें और मशीनें भी बहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार बाढ़ के तेज बहाव में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, कारें, बाइक, निर्माण कार्य में लगी क्रेन और जनरेटर तक बह गए। कई दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। पानी उतरने के बाद नदी किनारे कई वाहन मलबे में दबे मिले। दुकानदारों का कहना है कि पानी इतनी तेजी से आया कि सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला।
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रायबरेली में पेड़ गिरने से महिला की मौत
रायबरेली में तेज आंधी के दौरान एक पेड़ टिन शेड पर गिर गया, जिससे शकुंतला (51) की मौत हो गई जबकि उनकी बेटी शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गई। जिले के सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
अयोध्या में मंदिर पर गिरी बिजली
अयोध्या के सोहावल क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने से कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। मंदिर के फर्श में दरारें पड़ गईं और धार्मिक सामग्री को भी नुकसान पहुंचा।
वाराणसी, आजमगढ़ और बलिया में बिजली का कहर
आजमगढ़ में धर्मराज राजभर (50) और बलिया में सेवानिवृत्त रेलकर्मी इंद्रजीत यादव (75) की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। कई इलाकों में लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
बुंदेलखंड में पांच लोगों की मौत
बांदा और जालौन जिलों में आंधी-तूफान और बारिश के दौरान हुए अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं।
प्रशासन के अनुसार 45 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 23 पशुओं की भी मौत हुई है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
देवरिया और प्रयागराज में भी गई जान
देवरिया में बिजली गिरने से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं प्रयागराज में आंधी-पानी के कारण दो लोगों की जान चली गई और 24 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए।
शिफ्ट बदलने से बच गई मजदूर की जान
हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहने से छह मजदूरों की मौत के बाद कई परिवारों में मातम पसरा है। इसी बीच चिल्ला गांव निवासी मजदूर संदीप की जान महज संयोग से बच गई।
संदीप ने बताया कि वह आमतौर पर नाइट शिफ्ट में काम करते थे, लेकिन गुरुवार को उनकी ड्यूटी दिन की शिफ्ट में लगा दी गई थी। रात में हादसे की खबर मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली।





