जापान द्वारा आयोजित ‘AZEC Plus’ बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया में ऊर्जा सप्लाई बाधित होने और व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दुनिया भर की ऊर्जा बाजारों में सप्लाई चेन बाधित होने पर गहरी चिंता जाहिर की है। साथ ही व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों को अस्वीकार्य बताया है। जयशंकर ने इस बैठक की तस्वीरें भी अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक पोस्ट में लिखा, “जापान द्वारा आयोजित ‘AZEC Plus’ बैठक में भाग लिया, जिसमें ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की बाधाओं पर चर्चा की गई। भारत की ओर से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री नौवहन (मेरिटाइम शिपिंग) के ट्रांजिट मार्ग पर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। व्यापारी जहाजों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। वैश्विक आर्थिक विकास के लिए जरूरी है कि ऊर्जा बाजारों को किसी भी तरह से बाधित न किया जाए। एक प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता के रूप में भारत, समान विचारधारा वाले भागीदारों के साथ मिलकर आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती (सप्लाई चेन रेजिलिएंस) विकसित करने के लिए काम करेगा।”
इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते डेढ़ माह से अधिक समय से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में विभिन्न देशों के जहाजों का आवागमन बाधित होने से दुनिया के तमाम देशों में ऊर्जा आपूर्ति थम गई है। इससे यूरोप से लेकर एशिया तक के ऊर्जा बाजारों में हाहाकार है। तेल और गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ी हैं। इसका असर माल ढुलाई भाड़े पर भी पड़ा है। इससे खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं। ऐसे वक्त में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से दिया गया यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।





