Vipreet Rajyog 2026: ग्रहों का गोचर व्यक्ति के दैनिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। ऐसी ही एक गोचर पिछले महीने हुआ है। दरअसल, 19 अप्रैल 2026 को शुक्र ग्रह ने स्वराशि वृषभ में गोचर किया है और यह स्थिति 14 मई तक बनी रहेगी। शुक्र को धन, वैभव और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। इस दौरान विपरीत राजयोग का निर्माण हो रहा है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन यह समय खास तौर पर 3 राशियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। खर्च, आर्थिक स्थिति और करियर पर इसका असर देखने को मिलेगा।

क्या है विपरीत राजयोग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शुक्र ग्रह कुंडली के केंद्र भावों यानी कि 6वें, 8वें या 12वें भाव में स्थित होता है, तब विपरीत राजयोग का निर्माण होता है। यह योग अचानक बदलाव लाने वाला माना जाता है। कुछ मामलों में यह लाभ देता है, लेकिन कई बार चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। शुक्र को धन, वैभव और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। वर्तमान गोचर में शुक्र वृषभ राशि में रहते हुए कुछ राशियों के लिए नकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
मिथुन राशि: बढ़ेंगे फिजूल खर्च
मिथुन राशि के लिए यह योग 12वें भाव में बन रहा है, जिसे खर्च और हानि का भाव माना जाता है। इस दौरान फिजूल खर्च बढ़ सकते हैं और सेविंग्स प्रभावित हो सकती है। निवेश करते समय सावधानी रखें और किसी को पैसा उधार देने से बचें। लग्जरी चीजों पर खर्च सीमित रखना बेहतर रहेगा।
ये उपाय देगा लाभ
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा करें और श्री सूक्त का पाठ करें।
तुला राशि: आर्थिक उतार-चढ़ाव के संकेत
तुला राशि वालों के लिए यह योग 8वें भाव में बन रहा है, जिससे आर्थिक स्थिति में अस्थिरता आ सकती है। अचानक बड़े खर्च सामने आ सकते हैं और बचत करना मुश्किल हो सकता है। इस दौरान जीवनशैली में भी कुछ कमी महसूस हो सकती है।
जरूर करें ये उपाय
शुक्रवार को श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और सफेद वस्तुओं का दान करें।
धनु राशि: करियर में बढ़ सकती हैं चुनौतियां
धनु राशि के लिए यह योग 6वें भाव में बन रहा है, जो प्रतिस्पर्धा और शत्रु का भाव माना जाता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि विरोधी सक्रिय रह सकते हैं। योजनाओं को लागू करने में रुकावटें आ सकती हैं।
ये उपाय दिलाएगा राहत
मां लक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा ही इस परेशानी से राहत दिला सकती है। साथ ही हर शुक्रवार को शुक्र मंत्रों ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ या ‘ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः’ का जाप करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)





