पटना में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए मु्ख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार पर भरोसा जताने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को न्याय और उनका अधिकार दिलाया जाएगा। उन्होंने इस दौरान परिवारवाद पर जमकर हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद सोचते हैं कि उनका परिवार ही राजनीति में आगे आए, उनके बेटा-बेटी और पत्नी ही सांसद, विधायक और नेता बने।

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा- सभी बहनों का पटना की धरती पर स्वागत करता हूं। मैं आश्वस्त करता हूं कि मोदी जी की सरकार आपको न्याय दिलाकर रहेगी । मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की दिशा में काम किया है। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव होते तो बिहार विधानसभा में 122 महिला विधायक चुनी जा सकती थीं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में विपक्षी नेताओं पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी, लालू प्रसाद, एमके स्टालिन पर परिवार की राजनीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल अपने परिवार के बारे में सोचते हैं। लालू यादव यह सोचते हैं कि मेरी बेटी लोकसभा का सदस्य बने और मेरी पत्नी नेता बने। स्टालिन चाहते हैं कि सिर्फ उनकी बहन देश की संसद में जाए। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी सोचते हैं कि देश की महिला आगे बढ़े।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश की हर महिला को आगे बढ़ाने की सोच रखते हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहें और यह जन आक्रोश तब तक जारी रखें जब तक उन्हें विधानसभा और लोकसभा में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल जाता।
इससे पहले शनिवार को भी उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि संसद में जिस तरह से महिला आरक्षण पर विपक्षी दलों का रवैया रहा उससे देश की लाखों-करोड़ों महिलाओं का अपमान हुआ है। उन्होंने 17 तारीख को लोकतंत्र के इतिहास का “काला दिन” करार दिया। सम्राट चौधरी ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पहली बार था जब ये दल महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर खुशी मना रहे थे। उन्होंने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं ने पहले भी ऐसे विधेयकों का विरोध किया था। बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल विपक्षी दलों के विरोध के चलते गिर गया।





