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लखनऊ में दर्दनाक हादसा: ‘बचपन डे केयर सेंटर’ में 4 क्विंटल का गेट गिरने से 8 साल के मासूम की मौत, नानी के घर आया था शिवा

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निशातगंज इलाके में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. विभाग द्वारा संचालित ‘बचपन डे केयर सेंटर’ का एक भारी-भरकम जर्जर लोहे का गेट गिरने से आठ साल के मासूम बच्चे शिवा की दबकर दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के वक्त बच्चा गेट पर लटककर झूला झूल रहा था. इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को सेंटर के गेट पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया, जिन्हें प्रशासनिक अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और मुआवजे का भरोसा देकर शांत कराया.

लखनऊ में दर्दनाक हादसा: ‘बचपन डे केयर सेंटर’ में 4 क्विंटल का गेट गिरने से 8 साल के मासूम की मौत, नानी के घर आया था शिवा
लखनऊ में दर्दनाक हादसा: ‘बचपन डे केयर सेंटर’ में 4 क्विंटल का गेट गिरने से 8 साल के मासूम की मौत, नानी के घर आया था शिवा

मूल रूप से बहराइच के बंजारी मोड़ धन्नी पुरवा निवासी विक्रम कश्यप चेन्नई की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं. उनकी पत्नी ललिता चार दिन पहले ही अपने बच्चों शिवा (8), रितिक और दुधमुंही बेटी परी को लेकर निशातगंज स्थित जेबीटीसी परिसर में अपनी मां मीना देवी के घर आई थीं. शनिवार सुबह नाश्ता करने के बाद शिवा घर के बाहर स्थित बचपन डे केयर सेंटर के पास अन्य बच्चों के साथ खेलने चला गया था.

4 क्विंटल वजनी जर्जर गेट बना काल

खेलते-खेलते शिवा जैसे ही लोहे के मुख्य गेट पर लटका, वैसे ही करीब 4 क्विंटल से अधिक वजन का यह गेट उखड़कर सीधे उसके ऊपर गिर गया. गेट इतना भारी था कि वहां मौजूद लोग उसे तुरंत हटा नहीं पाए, जिसके चलते मासूम काफी देर तक उसके नीचे दबा रहा. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दौड़े लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद गेट हटाकर लहूलुहान शिवा को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल की चौखट पर पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

विभाग पर लापरवाही और अनदेखी का आरोप

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शिवा के मामा राहुल कश्यप और अन्य परिजनों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि यह भारी-भरकम गेट पिछले 10-15 सालों से लगा था और सिर्फ दो कमजोर व जंग खाए एंगलों के सहारे टिका था. लोहा गलने के कारण गेट कई दिनों से हिल रहा था, लेकिन अफसरों ने कभी इसका मेंटेनेंस नहीं कराया. परिजनों का यह भी आरोप है कि हादसे के बाद सेंटर के कर्मचारियों ने जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया.

मुआवजे और जांच के वादे पर माने प्रदर्शनकारी

मासूम की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव को सेंटर के गेट पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही महानगर थाना पुलिस और एसडीएम सदर मनोज सिंह मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाया और सरकारी नियमानुसार उचित आर्थिक मुआवजा देने व गेट टूटने की विस्तृत जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद परिजन शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

khabarmonkey@gmail.com

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