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‘राम लखन’ से रातों-रात स्टार बनीं सोनिका गिल, एक एक्सीडेंट ने छीना करियर, 7वीं बार में बसा घर तो पति के साथ मिली सौतन

साल 1989 में आई ब्लॉकबस्टर एक्शन-रोमांटिक फिल्म ‘राम लखन’ में जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, माधुरी दीक्षित समेत कई सितारे नजर आए। फिल्म में इन सबके अलावा एक और अभिनेत्री थीं, जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा और वह कोई और नहीं बल्कि सोनिका गिल थीं। सोनिका ने ‘राम लखन’ में विविया का किरदार निभाया था। दिल्ली की रहने वाली सोनिका गिल एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांगना थीं।

‘राम लखन’ से रातों-रात स्टार बनीं सोनिका गिल, एक एक्सीडेंट ने छीना करियर, 7वीं बार में बसा घर तो पति के साथ मिली सौतन
‘राम लखन’ से रातों-रात स्टार बनीं सोनिका गिल, एक एक्सीडेंट ने छीना करियर, 7वीं बार में बसा घर तो पति के साथ मिली सौतन

बिना किसी गॉडफादर के उन्होंने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। शुरुआत में उन्होंने करीब एक दशक तक छोटे-छोटे रोल किए, लेकिन उन्हें असली पहचान ‘राम लखन’ में काम करने के बाद ही मिली। सोनिका गिल अपने स्कूल के दिनों में सांस्कृतिक गतिविधियों में काफी सक्रिय थीं। वह अक्सर स्टेज पर अपने स्कूल के साथी और आगे चलकर मशहूर गायक बने सोनू निगम के साथ परफॉर्म करती थीं।

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मुंबई आने के बाद सोनिका ने फिल्मों में छोटे-छोटे रोल से शुरुआत की। उन्होंने 1980 में आई ‘नजराना प्यार का’, 1981 में आई ‘प्रेम गीत’, 1983 में आई ‘सिसकियां’, 1984 में आई ‘आज की आवाज’, 1986 में आई ‘अनोखा इंसान’ और 1987 में आई ‘मैं और तुम’ जैसी फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं निभाईं।

जब सुभाष घई ने किया सोनिका गिल को फोन

इसके बाद सोनिका गिल को सुभाष घई के ऑफिस से बुलावा आया। पहली ही मुलाकात में उन्होंने सोनिका को तीन फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट के लिए साइन कर लिया। उस समय संगीता बिजलानी और सोनू वालिया जैसी उभरती एक्ट्रेसेस भी इस रोल की दौड़ में थीं, लेकिन फिल्ममेकर ने सोनिका को चुना। वजह थी उनकी मेहनत और लगन पर भरोसा। हालांकि, उनके बारे में यह भी बातें चलती थीं कि वह सेट पर प्रोफेशनल नहीं रहतीं, जैसे शराब पीना और स्मोकिंग करना, लेकिन इसके बावजूद सुभाष घई ने उन पर विश्वास जताया।

साल 2024 में बॉलीवुड ठिकाना को दिए इंटरव्यू में सोनिका गिल ने इन अफवाहों पर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा, “मैंने कभी स्मोकिंग नहीं की और ना ही शराब को हाथ लगाया। लेकिन कुछ लोग थे जो हर जगह मेरी ‘तारीफ’ कर रहे थे, ताकि वे अपने पसंदीदा लोगों को आगे बढ़ा सकें। मैं इसे बस ‘तारीफ’ ही कहूंगी।” सोनिका ने बताया कि सुभाष घई ने इन अफवाहों पर ध्यान नहीं दिया और मुझे साइन किया, क्योंकि उनका मानना था कि जिन लोगों को बिना वजह निशाना बनाया जाता है, उनमें अक्सर कुछ खास बात होती है। उन्होंने ऐसा ही अनुभव जैकी श्रॉफ के साथ भी किया था, जिन्हें उन्होंने 1983 की हिट फिल्म ‘हीरो’ से लॉन्च किया था।

राम-लखन ने दिलाई सोनिका को पहचान

‘राम लखन’ की बॉक्स ऑफिस पर सफलता के बाद सोनिका गिल घर-घर में जाना-पहचाना नाम बन गईं। भले ही फिल्म में माधुरी दीक्षित और डिंपल कपाड़िया जैसी ज्यादा अनुभवी अभिनेत्रियां मौजूद थीं। सुभाष घई के प्रोडक्शन हाउस ‘मुक्ता फिल्म्स’ के साथ उनकी तीन फिल्मों की डील में 1993 की ब्लॉकबस्टर गैंगस्टर मूवी ‘खलनायक’ भी शामिल थी, जिसमें संजय दत्त, माधुरी और जैकी श्रॉफ मुख्य भूमिका में थे। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सोनिका कभी उस फिल्म में काम नहीं कर पाईं।

एक्सीडेंट ने बदली करियर की दिशा

जनवरी 1992 में उनका एक ऐसा कार एक्सीडेंट हुआ जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। इस दुर्घटना में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। हालांकि, भारत के बेहतरीन सर्जनों में से एक ने उनका ऑपरेशन किया था, लेकिन लंबे समय तक ठीक न हो पाने के कारण सोनिका के हाथ से कई फिल्में निकल गईं।

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इनमें ‘खलनायक’ भी शामिल थी, जिसमें उनका रोल रम्या कृष्णन को मिल गया। रम्या ने इस मूवी में दत्त के किरदार ‘बल्लू’ की प्रेमिका का रोल निभाया था। दिल टूटी हुई सोनिका बैसाखी के सहारे सेट पर भी गईं, लेकिन वहां सुभाष घई ने उन्हें डांट दिया और चेतावनी दी कि इस तरह से सेट पर आने से उनके करियर को और भी ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है।

‘खलनायक’ सोनिका गिल के करियर के लिए बड़ा झटका साबित हुई, लेकिन यह अकेली नहीं थी। विजय रेड्डी की 1992 में आई फिल्म ‘जीना मरना तेरे संग’ में संजय दत्त के साथ उनका डांस सॉन्ग हटा दिया गया था। इसके बाद मेहुल कुमार की ‘तिरंगा’ में उन्होंने बैठकर डांस किया। वहीं कल्पतरु की फिल्म ‘घर की इज्जत’ में उन्होंने ऋषि कपूर के साथ अपने सीन भी बैठकर पूरे किए। इस दौरान राज कुमार ने उनके प्रति काफी सहानुभूति दिखाई। जब उन्होंने सोनिका के सूजे हुए पैर देखे, तो वह रोज सेट पर जल्दी आने लगे, ताकि उनके साथ अपने सीन आराम से शूट कर सकें।

रेस्टोरेंट में मैनेजर का किया काम

अपने करियर में आए दुर्भाग्यपूर्ण मोड़ और अपने भाई को गोली लगने जैसी एक और निजी त्रासदी से निराश होकर, सोनिका गिल ने भारत छोड़ने का फैसला किया और दुबई चली गईं। फिर उन्होंने पूर्व अभिनेता राजन सिप्पी के मशहूर रेस्टोरेंट ‘द मुगल रूम’ में मैनेजर के तौर पर काम करना शुरू किया।

लेकिन जब वह रेस्टोरेंट बंद हो गया, तो सोनिका भारत लौट आईं। कुछ समय के बाद सोनिका ने फिर से फिल्मों में वापसी की। उन्होंने ‘माई फ़्रेंड गणेशा 3’ (2010), ‘अक्कड़ बक्कड़ बम बे बो’ (2012), ‘दाल में कुछ काला है’ (2021) जैसी फिल्में और ‘अनामिका’ (2012) नाम का टीवी शो किया।

सुर्खियों में रही सोनिका की पर्सनल लाइफ

अपने उतार-चढ़ाव भरे प्रोफेशनल करियर के अलावा सोनिका गिल की निजी जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने ऑफस्क्रीन किसी के साथ रिश्ते बनाने से दूरी बनाए रखी, क्योंकि 1980 के दशक में अक्सर ऐसा होता था कि शादी या कमिटमेंट के बाद एक्ट्रेसेस को काम मिलना कम हो जाता था। वह अपने साथ ऐसा नहीं होने देना चाहती थीं, खासकर क्योंकि उनका बचपन भी काफी मुश्किलों में बीता था।

जब सोनिका स्कूल में थीं, तभी उनके पिता उनकी मां को छोड़कर चले गए थे। इसके बाद उनकी मां ने लगातार काम किया, जब तक कि सोनिका खुद कमाने लायक नहीं हो गईं। सोनिका ने कुछ साल पहले कहा था, “मैं अपने पिता और अपनी मां- दोनों को यह साबित करना चाहती थी कि मैं अपना नाम बना सकती हूं।”

सोनिका गिल ने 40 साल की उम्र तक शादी नहीं की। उन्होंने बताया कि कई को-स्टार्स ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज भी किया, लेकिन उन्होंने दूरी बनाए रखी, क्योंकि वह ऐसे साथी नहीं चाहती थीं जो शराब पीते हों। 2024 के एक इंटरव्यू में उन्होंने इस बात की भी साफ किया कि उनकी दो बार शादी होने की अफवाहें गलत हैं। हंसते हुए उन्होंने कहा, “मैं द्रौपदी नहीं हूं।” सोनिका ने यह भी बताया कि किस्मत ने लंबे समय तक उनका साथ नहीं दिया।

अलग-अलग लोगों के साथ उनकी सगाई कुल छह बार टूटी। इनमें 1992 में हुआ उनका एक्सीडेंट भी एक वजह बना और एक बार जब वह शादी के लिए दुबई से वापस आईं, तब भी रिश्ता नहीं बन पाया। फिर अपनी मां के निधन के एक साल बाद आखिरकार सोनिका गिल की मुलाकात उनके पति मितेश रुघानी से हुई, जो पेशे से बिल्डर हैं। सोनिका ने बताया, “मुझे नहीं पता था कि मैं मांगलिक हूं। जब यह पता चला, तो मैंने पूजा करवाई और फिर सातवीं बार किस्मत ने मेरा साथ दिया।”

आज सोनिका अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में खुश हैं। उनकी एक बेटी है और वह अपने पति की पहली पत्नी और उनके दो बेटों के साथ एक ही परिवार में रहती हैं। अपने इस रिश्ते को लेकर सोनिका ने बहुत ही सकारात्मक सोच दिखाई। उन्होंने कहा, “एक औरत दूसरी औरत से नफरत कैसे कर सकती है? वह भी किसी की बेटी और पत्नी है, जैसे मैं हूं।”

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