उम्र का बढ़ना तो दस्तूर-ए-जहां है, महसूस ना करें तो ये बढ़ती कहां है। उम्र को हराना है तो शौक जिंदा रखिए। चाल में रवानी, सांस में ताकत और दिमाग में जवानी रखिए। क्योंकि अब सेहत सिर्फ नब्ज टटोलने तक नहीं रही, अब शरीर का हर सिग्नल डेटा में बदल रहा है और इसी डेटा से पता चलता है कि अंदर मशीन ठीक चल रही है या कहीं कोई कलपुर्जा खराब हो रहा है। ऐसे में लोग माइंड को एक्टिव रखने के लिए एक छोटा-सा डिवाइस Temple जो एक वियरेबल ब्रेन ट्रैकर है का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये दिमाग तक खून के फ्लो, मेंटल लोड, फोकस और थकान जैसे सिग्नल्स को समझने की कोशिश करता है। ये बताता है कि दिल कितनी तेज धड़क रहा है, दिमाग पर कितना बोझ है, रिकवरी पूरी हुई या नहीं और परफॉर्मेंस कब पीक पर होगी।
यही वजह है कि लॉन्जेविटी की दुनिया में गैजेट्स की एंट्री तेज हो गई है। स्मार्ट वॉच, हार्ट रेट, ECG, ऑक्सीजन और एक्टिविटी बताती है स्मार्ट रिंग, नींद, तनाव और रिकवरी का हिसाब देती है। CGM यानी ग्लूकोज मॉनिटर बताता है कि कौन-सा खाना शुगर को कितना ऊपर ले जा रहा है। मेडिटेशन हेडबैंड मेंटल पीस माप करता है और रेड लाइट थेरेपी जैसे डिवाइस मसल रिकवरी और सेल रिपेयर की बात करते हैं। यानी बात सिर्फ लंबी उम्र की नहीं लंबी सेहतमंद उम्र की है। क्योंकि 60 साल जीना बड़ी बात नहीं, 60 में 40 जैसी energy महसूस करना बड़ी बात है और ये तभी होगा जब बीमारी आने के बाद इलाज नहीं। बीमारी आने से पहले इशारा पकड़ लिया जाए।
ये इसलिए भी जरूरी है क्योंकि देश में बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2022 में 60 प्लस करीब 10% थे जो अगले 20 साल में 20% से ज्यादा होने का अनुमान है और दूसरी तरफ डायबिटीज, बीपी, मोटापा, हार्ट डिजीज जैसी लाइफस्टाइल बीमारियां कम उम्र में ही लोगों को घेर रही हैं। कई बार तो बीमारी शरीर में सालों तक बनती रहती है। लेकिन पता तब चलता है, जब नुकसान शुरू हो चुका होता है। ऐसे में ये डिवाइस कोई फैशन नहीं, एक तरह का हेल्थ अलार्म बन सकते हैं। तो आज स्वामी रामदेव से जानेंगे गैजेट्स शरीर के संकेत बता सकते हैं लेकिन उन संकेतों को सुधारने के लिए योग, प्राणायाम, सही खानपान और अनुशासन कितना जरूरी है।
लाइफस्टाइल की बीमारी
- बीपी-शुगर
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- ओबेसिटी
- थायराइड
- लंग्स प्रॉब्लम
- इनसोम्निया
- आर्थराइटिस
- डेफिशियेंसी
रोज़ योग के फायदे
- एनर्जी बढ़ेगी
- बीपी कंट्रोल
- वजन कंट्रोल
- शुगर कंट्रोल
- नींद में सुधार
- बेहतर मूड
मजबूत इम्यूनिटी
- गिलोय-तुलसी काढ़ा
- हल्दी वाला दूध
- मौसमी फल
- बादाम-अखरोट
हार्ट को बनाए हेल्दी लौकी कल्प
- लौकी का सूप
- लौकी की सब्जी
- लौकी का जूस
किडनी डिजीज को कैसे कंट्रोल करें
- नमक
- चीनी
- प्रोटीन
कंट्रोल होगा थायराइड
- वर्कआउट जरूर करें।
- सुबह एप्पल विनेगर पीएं।
- रात में हल्दी दूध लें।
- कुछ देर धूप में बैठें।
- 7 घंटे की नींद जरूर लें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता ह
Khabar Monkey

|
|





