उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होती जा रही है. चुनाव को लेकर बयानबाजी भी चल रही है. इस बीच समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, और सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें हार का डर सता रहा है. उनके चुनाव न लड़ने की बात अटपटा जैसा है.

वाराणसी में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने अखिलेश के विधानसभा चुनाव में नहीं लड़ने के बयान को अटपटा करार दिया. उन्होंने कहा कि सेनापति रण में नहीं जाएगा और महल में बैठ कर युद्ध देखेगा. अखिलेश को हार का डर है.
चुनाव लड़ना आपकी जिम्मेदारीः चिराग पासवान
इससे पहले अखिलेश यादव ने वाराणसी में ही कहा था, “नहीं लड़ूंगा विधानसभा चुनाव, सीधे मुख्यमंत्री की शपथ लूंगा.” इस पर चिराग ने कहा, “ये मुझे कहीं ना कहीं अटपटा लगा. चुनाव लड़ना आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप उस सेनापति की भूमिका निभाएं जो रण के क्षेत्र में सबसे आगे बढ़ कर अपने सैनिकों का मार्गदर्शन करता है न की महल में बैठ कर अपने सैनिकों को लड़ता देखे.”
चिराग ने हार के डर की बात करते हुए कहा, “उन्हें हार का डर है, पार्टी के प्रदर्शन की चिंता है क्योंकि लोकसभा में झूठ बोल कर, संविधान पर खतरा बता कर, आरक्षण पर खतरा बता कर इन लोगों ने लोकसभा में तो वोट हासिल कर लिया. अब इनको डर है कि जैसे महाराष्ट्र में हुआ था कि लोकसभा में वहां की जनता ने विपक्ष का साथ दिया, लेकिन विधानसभा में फिर से NDA को भारी मतों से जिताने का काम किया.”
गठबंधन नहीं तो, 403 सीटों पर लड़ेंगे चुनावः चिराग
उन्होंने आगे कहा, “ये डर अखिलेश यादव को होगा कि विधानसभा में जनता उनका साथ नहीं देगी संभवतः इसलिए उन्होंने चुनाव न लड़ने की बात कही. लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी उत्तर प्रदेश में चुनाव जरूर लड़ेगी.
चुनाव से पहले सहयोगी दलों के साथ गठबंधन को लेकर चिराग ने कहा, “गठबंधन को लेकर अभी कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई.” उन्होंने यह भी कहा कि यूपी में अगर आपसी गठबंधन नहीं बन पाया तो एलजेपी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
अखिलेश यादव ने चुनाव को लेकर क्या कहा था
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को ऐलान करते हुए कहा कि वह अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वाराणसी में पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, तो अखिलेश ने अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में कहा, “हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं. इसलिए वही करेंगे जो हमारे लिए शुभ होगा.”
उन्होंने बताया कि साल 2012 में भी वह लोकसभा सदस्य रहते हुए सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे और इस बार भी लोकसभा सदस्य रहते हुए ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जब उनसे यह पूछा गया कि वाराणसी में समाजवादी पार्टी किस सीट से चुनाव लड़ने जा रही है तो उन्होंने कहा , “तुम सीट बताओ.”