चेन्नई। अक्सर भारत में बड़ी संख्या में लोग मिडिल ईस्ट के देश कुवैत, सऊदी और दुबई का रुख करते हैं कि वहां नौकरी करके अच्छा पैसा कमाएंगे। लेकिन वहां जाना हर किसी के लिए अच्छा नहीं होता। तमिलनाडु की एक भारतीय महिला की दर्दनाक दास्तान सामने आई है।
तमिलनाडु की एक महिला ने कुवैत से एक संदेश भेजकर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है। महिला ने रोते हुए बताया कि उसके नियोक्ता उसे शारीरिक और मानसिक यातना दे रहे हैं और वह वहां बंधक जैसी जिंदगी जी रही है।
महिला ने चुपके से अपने परिजनों को एक वीडियो संदेश भेजा जिसमें वह रोरोकर कह रही है कि उसे न ढंग का खाना मिलता है, न उससे ठीक से पेश आया जाता है। उसने कहा कि यहां मुझे यातना दी जाती है, मुझे वापस भेज दो। परिवार के अनुसार महिला का पासपोर्ट नियोक्ता ने जब्त कर लिया है और उसे घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है।
रोजगार एजेंट के झांसे में आई
परिवार ने बताया कि महिला एक स्थानीय एजेंट के माध्यम से घरेलू काम के लिए कुवैत गई थी। उसे अच्छे वेतन और बेहतर जीवन का लालच दिया गया था। लेकिन कुवैत पहुंचने के बाद उसकी जिंदगी नरक बन गई। नियोक्ता ने उसका पासपोर्ट और दस्तावेज अपने पास रख लिए जिससे वह न वापस आ सकती है और न ही कहीं मदद मांगने जा सकती है।
परिवार ने लगाई सरकार से गुहार
महिला का वीडियो देखकर परिजन सदमे में हैं। परिवार ने तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने भारतीय दूतावास से भी संपर्क करने की कोशिश की है और महिला को जल्द से जल्द स्वदेश वापस लाने की अपील की है।
खाड़ी देशों में भारतीय महिलाओं की दुर्दशा
यह कोई पहली घटना नहीं है। खाड़ी देशों में घरेलू कामगार के रूप में गई भारतीय महिलाओं के शोषण के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। आंध्रप्रदेश की गारा कुमारी, तेलंगाना की कविता और केरल की कई महिलाएं इसी तरह कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में फंसी रही हैं। इन सभी मामलों में एक बात समान है, एजेंट का झांसा, पासपोर्ट जब्ती और भूखेप्यासे रखकर यातना।