Wrestling Federation of India: भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा विनेश फोगाट को भेजे ‘कारण बताओ नोटिस’ और उन पर 26 जून तक खेलने को लेकर लगाई गई रोक पर पूर्व महिला रेसलर साक्षी मलिक का बयान सामने आया है। साक्षी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री से निवेदन किया है कि विनेश को ट्रायल देने से न रोका जाए।
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साक्षी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘फेसबुक’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, “पिछले कुछ दिनों से विनेश के ट्रायल को लेकर जो भी मामला चल रहा है, उसको लेकर मीडिया मेरी राय जानना चाहती है। मैं दो-तीन दिन से विचार में थी, क्योंकि विनेश एक पार्टी की विधायक है और मेरा किसी भी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। मैं ऐसे बहुत से उदाहरण दे सकती हूं, जहां दूसरे देश की स्पोर्ट्स फेडरेशन अपने खिलाड़ियों के लिए नियम आसान करती है, ताकि वहां महिलाएं मां बनने के बाद भी खेल सकें और देश के लिए पदक जीत सकें।”
साक्षी ने आगे कहा, “वहीं, हमारी फेडरेशन दो दिन पहले ऐसे नियम लागू कर देती है कि विनेश वापसी ना कर पाए। मेरा प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और फेडरेशन से निवेदन है कि विनेश का ट्रायल लिया जाए, ताकि वह भी पदक जीते और देश का नाम रोशन कर सके। इसके साथ ही वह एक ऐसा उदाहरण पेश कर सके कि हमारे देश में भी महिलाएं मां बनने के बाद खेल सकती हैं और पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।”
दरअसल, शनिवार को भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनसे चार आरोपों के जवाब मांगे हैं। डब्ल्यूएफआई ने आदेश जारी करते हुए कहा कि विनेश 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में भी हिस्सा नहीं लेंगी।
डब्ल्यूएफआई के अनुसार, ने डोपिंग रोधी नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते संन्यास से वापसी करने के बाद खिलाड़ी को छह महीने तक का नोटिस पूरा करना होता है और इस दौरान खिलाड़ी किसी भी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकता है। भारतीय कुश्ती महासंघ के फैसले की वजह से उत्तर प्रदेश के गोंडा में हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भी विनेश हिस्सा नहीं ले पाएंगी। माना जा रहा था कि इस टूर्नामेंट के जरिए ही विनेश मैट पर वापसी करेंगी।
IANS इनपुट





