सिंगर और रैपर यो यो हनी सिंह ने एक बार फिर अपने जीवन के उस सबसे कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने अपनी नशे की लत से लेकर बाइपोलर डिसऑर्डर और इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने खुलासा किया कि वो पूरी तरह गंजे हो चुके हैं और अपने सिर पर विग लगाते हैं।

एबी टॉक्स पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनकी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उनके करियर के सबसे ऊंचे मुकाम पर शुरू हुई थीं और लंबे समय तक चले इलाज और अकेलेपन के बाद उन्होंने खुद को संभाला।
हनी सिंह ने बताया कि बीमारी के शुरुआती संकेत तब सामने आए जब वे मुंबई में एक म्यूजिक रियलिटी शो और अमेरिका में एक इंटरनेशनल टूर एक साथ कर रहे थे। इस दौरान उन्हें अचानक बेहद डर और पैरानोया (भ्रम/संदेह) होने लगा।
उन्होंने कहा, “मैं मुंबई में म्यूजिक रियलिटी शो कर रहा था और अमेरिका में शाह रुख भाई के साथ टूर पर था। मुझे ऐसा लगने लगा था कि मैं मर जाऊंगा। मैं शिकागो में था, मेरे साथ एक व्यक्ति था, उसने कहा कि तुम्हें रिहर्सल पर जाना है। मैंने कहा मैं नहीं जा सकता। शाहरुख भाई ने कॉल करके पूछा क्या हुआ, मैंने कहा मैं ठीक हो जाऊंगा, मैं स्टेज पर मिलूंगा।”
हनी सिंह ने बताया कि उस समय वे परफॉर्म करने से बचने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि उन्हें लगातार मंच पर मर जाने का डर सताता था।
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लग रहा था कि मैं स्टेज पर मर जाऊंगा, और मैं सोच रहा था कि कैसे परफॉर्म से बचूं। इसलिए मैंने अपने सिर के आधे बाल मुंडवा लिए, लेकिन लोगों ने कहा कि हम आपको कैप पहना देंगे। उस समय मुझे लग रहा था कि लोग मेरी बात समझ नहीं रहे हैं।”
उन्होंने उस दौर की भावनात्मक टूटन को याद करते हुए बताया कि वे कितनी बेबसी महसूस कर रहे थे, जबकि वे लगातार अपनी हालत समझाने की कोशिश कर रहे थे।
हनी सिंह ने अपने जीवन के बेहद मुश्किल दौर को लेकर एक और बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण वे लंबे समय तक पूरी तरह समाज से कटे रहे और घर के अंदर ही बंद हो गए थे।
7 सात तक घर में बंद रहे हनी सिंह
हनी सिंह ने आगे कहा, “फिर मैंने अपनी बहन को फोन किया और कहा कि मेरे साथ कुछ हो रहा है। उन्होंने कहा कि तुम्हें फिर भी शो करना होगा। मैंने दो गाने गाकर शो बीच में ही छोड़ दिया। इसके बाद मैं सात साल तक अपने घर के अंदर ही रहा। मैं नहीं चाहता था कि मेरे फैंस मुझे उस हालत में देखें। मैंने खुद को घर में बंद कर लिया और बचपन के दोस्तों से भी नहीं मिला। कोई बातचीत नहीं थी, न फोन कॉल, न टीवी, न इंटरनेट। लोग सोचते थे कि मेरे अंदर कोई शैतान बोल रहा है।”
उन्होंने आगे बताया कि करीब तीन साल तक वे लगभग अपने बेडरूम से भी बाहर नहीं निकले। “तीन साल तक मैं अपने बेडरूम से बाहर नहीं निकला। यहां तक कि नहाते समय भी मैं बाथरूम का दरवाजा खुला रखता था क्योंकि मुझे डर लगता था कि मैं मर जाऊंगा। बाइपोलर डिसऑर्डर आपको ऐसे ख्यालों में डाल देता है जो असली नहीं होते, लेकिन उस समय वे बिल्कुल वास्तविक लगते हैं।”
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हनी सिंह को होने लगा था मरने का एहसास
ने कहा कि 2018 और 2019 में उनकी हालत और गंभीर हो गई थी। “मैं सोचता था कि मैं पहले ही मर चुका हूं और स्वर्ग-नरक के बीच कहीं फंसा हुआ हूं। मेरी मां मुझे खाना देती थीं और मुझे लगता था कि यह मेरा आखिरी भोजन है।”
हनी सिंह का वजन हो गया था 105 किलो और हो गए थे गंजे
अपनी रिकवरी पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि दवाओं में बदलाव और नए डॉक्टर की सलाह से उनकी हालत धीरे-धीरे सुधरी।
उन्होंने कहा, “मैं सात साल तक एक ही दवा पर था और ठीक नहीं हो रहा था। जब मैंने घर से बाहर निकलने का फैसला किया, तो डॉक्टर भी बदला। नई दवाएं शुरू हुईं और डोज एडजस्ट हुआ। चार हफ्तों में ही मुझे सुधार दिखने लगा। मैं 7 साल तक भारी दवाओं पर था। मेरा वजन 105 किलो हो गया और मेरे सारे बाल झड़ गए। यह विग है, मैं पूरी तरह गंजा हूं।”
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 2014 में ड्रग्स छोड़ने के बावजूद उनकी रिकवरी में कई साल लग गए। “आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन 2014 में ड्रग्स छोड़ने के बाद भी मुझे ठीक होने में 7-8 साल लग गए।”
उन्होंने अपनी स्थिति की तुलना एक दर्दनाक अनुभव से की। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है जैसे मैं एक ऐसे सॉना से बाहर आया हूं जहां मुझे बहुत लंबे समय तक रखा गया हो। मैं जला हुआ और थका हुआ निकला, लेकिन अब ठीक महसूस करता हूं।” 2010 में अपने गानों से हर तरफ छा जाने वाले हनी सिंह लंबे समय तक गुमनाम से हो गए थे। फिर ‘मखना’, ‘हनी 3.0’ और ‘ग्लोरी’ जैसे प्रोजेक्ट्स के साथ वापसी की।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थितियों पर आधारित है। किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक परेशानी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।





