NEET ReExam: नीट पेपर लीक का कलंक अभी धुला नहीं है. इसने एक और जिंदगी खत्म कर दी. महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में नीट रीएग्जाम में उम्मीद के मुताबिक अंक न मिलने पर एक 19 साल की छात्रा ने आत्महत्या कर ली. छात्रा री पेपर में 11 नंबरों से चूक गई थी और परीक्षा क्वालिफाई नहीं कर पाई थी.

जानकारी के मुताबिक छात्रा ने सुसाइड करने से पहले एक नोट भी लिखा, जिसमें उसने डॉक्टर न बन पाने का अपना सपना अधूरा रहने का पूरा दुख लिखा है. उसने सुसाइड नोट में लिखा, ‘मेरा डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया. इसके लिए मेरे मातापिता को दोष न दें.’
पुलिस के अनुसार, मृतक छात्रा करजत तालुका के जलालपुर गांव की रहने वाली थी. उसने 3 मई को नीट परीक्षा दी थी, बाद में परीक्षा का नया शेड्यूल आने पर 21 जून को फिर से परीक्षा दी थी. छात्रा डॉक्टर बनना चाहती थी और उसे 300 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन नीट रीपरीक्षा में उसे 166 अंक मिले थे जबकि परीक्षा क्वालिफाई करने के लिए उसे 177 अंकों की जरूरत थी. इस तरह वह परीक्षा क्वालिफाई करने में 11 अंकों से पीछे रह गई, जिसके बाद से वह गहरे सदमे में चली गई.
पुलिस का कहना है कि घटना 25 जुलाई शनिवार शाम करीब 4:30 बजे की है. छात्रा ने आत्महत्या के लिए उस समय को चुना जब उसके पिता और भाई आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर दर्शन के लिए गए थे, जबकि उसकी मां घर पर ही थी. पुलिस ने बताया कि छात्रा अपने पढ़ाई वाले कमरे में चली गई. काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर मां ने दरवाजा खोला तो वह फंदे से लटकी मिली. बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया.
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला. जिसमें उसने लिखा कि NEET में उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिलने से वह अवसाद में चली गई थी और डॉक्टर बनने का उसका सपना अधूरा रह गया. उसने यह भी लिखा कि उसकी मौत के लिए उसके मातापिता या भाई को जिम्मेदार न ठहराया जाए.
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, परिवार ने किसी तरह की साजिश या आपराधिक घटना की आशंका नहीं जताई है.
बता दें कि नीट पेपर लीक का मामला पहले ही काफी तूल पकड़ चुका है. दिल्ली के जंतरमंतर पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. परीक्षा की पारदर्शिता, सुधार और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर लंबी बहसें चल रही हैं.