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मुरादाबाद में आदमखोर तेंदुए का आतंक! 22 दिन में 3 महिलाओं की मौत, 20 से ज्यादा घायल; 50 गांवों में दहशत​

Moradabad News: मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा, काठ और आसपास के इलाकों में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. बीते 22 दिनों में तेंदुए के हमले में तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात सामने आई है. करीब 50 गांवों में तेंदुए […]

Moradabad News: मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा, काठ और आसपास के इलाकों में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. बीते 22 दिनों में तेंदुए के हमले में तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात सामने आई है. करीब 50 गांवों में तेंदुए का डर बना हुआ है. हालात को देखते हुए ठाकुरद्वारा क्षेत्र को तेंदुआ प्रभावित इलाका घोषित किया गया है. वन विभाग की टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन घने गन्ने के खेतों में तेंदुए की मौजूदगी के कारण उसे पकड़ना बड़ी चुनौती बना हुआ है.

22 दिन में 3 महिलाओं की मौत

तेंदुए के हमलों का सिलसिला 3 अगस्त को लालापुर पीपलसाना गांव से शुरू हुआ. यहां संतोष देवी पर तेंदुए ने हमला किया और उनकी मौत हो गई. इसके बाद 18 अगस्त को बहापुर बलिया गांव में ब्रह्मो देवी को तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया. लगातार दो घटनाओं के बाद ग्रामीणों में पहले से ही डर का माहौल था.

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25 अगस्त को इसी गांव में एक और दर्दनाक घटना हुई. सिपाही की मां मिथिलेश देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया. बताया गया कि उस समय खेत में उनके पति समेत करीब नौ लोग मौजूद थे. इसके बावजूद तेंदुआ अचानक मिथिलेश देवी के पास पहुंचा और उनकी गर्दन दबोच ली. उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.

गर्दन पर हमला कर रहा तेंदुआ

मिथिलेश देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी गर्दन पर गंभीर चोट की बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में उनकी श्वांस नली टूट गई थी. इससे पहले हुई दोनों घटनाओं में भी गर्दन पर गंभीर चोट के कारण महिलाओं की मौत की बात सामने आई थी. वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, तेंदुए के हमले का तरीका बेहद खतरनाक है. गन्ने के घने खेतों में तेंदुआ जमीन के बेहद करीब छिप जाता है. आसपास कई लोगों के होने के बावजूद वह नजर नहीं आता और मौका मिलते ही अचानक हमला कर देता है.

50 से ज्यादा गांवों में खौफ

लगातार हो रहे हमलों का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा है. खेतों में काम करने जाने वाले किसान सबसे ज्यादा डरे हुए हैं. खेती का काम रोकना संभव नहीं होने के कारण कई लोग समूह बनाकर खेतों में जाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और रास्तों में तेंदुए के छिपे होने का डर हमेशा बना रहता है. बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिवार चिंतित हैं. डर के कारण कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है. गांवों के मंदिरों और मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सावधान रहने की अपील की जा रही है.

100 से ज्यादा तेंदुओं की मौजूदगी का अनुमान

प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय स्तर पर 100 से ज्यादा तेंदुओं की मौजूदगी की बात कही जा रही है. हालांकि, यह संख्या अनुमान पर आधारित है. वन विभाग लगातार कैमरों और अन्य तकनीक के जरिए तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा है. वन विभाग ने संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है. कई जगहों पर टीमें तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

29 पिंजरे और थर्मल ड्रोन से निगरानी

तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने 29 पिंजरे लगाए हैं. इसके साथ ही थर्मल ड्रोन कैमरों की मदद से गन्ने के खेतों और आसपास के इलाकों में उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है. 50 से ज्यादा वन्यजीव विशेषज्ञ और कर्मचारी रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 11 तेंदुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है. हालांकि, लगातार नए इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी की सूचना मिलने से अभियान जारी है. घने गन्ने के खेतों में तेंदुए को तलाशना वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.

ग्रामीणों को अकेले खेत में जाने से मना किया

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को लगातार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. लोगों से कहा गया है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और संभव हो तो समूह में ही बाहर निकलें. खेतों में जाते समय लाठी या अन्य कृषि उपकरण साथ रखने और आसपास लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने लोगों से यह भी अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें. तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचना दें.

गर्दन को सुरक्षित रखने की खास सलाह

तेंदुए के लगातार गर्दन पर हमला करने की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. खेतों में काम करते समय गर्दन को मोटे कपड़े से ढककर रखने को कहा गया है. साथ ही लोगों को सतर्क रहने और अचानक गन्ने के खेतों में प्रवेश न करने की हिदायत दी गई है. फिलहाल वन विभाग की कई टीमें तेंदुए की तलाश में जुटी हैं. ग्रामीणों की मांग है कि हमलों को रोकने के लिए अभियान और तेज किया जाए, ताकि लोग बिना डर के खेतों और गांव के आसपास अपना सामान्य जीवन जी सकें.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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