बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्टनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान अपनी फिल्मों और किरदारों को लेकर बेहद संजीदा रहते हैं। हालांकि, उनके शानदार करियर में कुछ ऐसे मोड़ भी आए जो उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। हाल ही में मुंबई के व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में आयोजित ‘स्क्रीन एकेडमी मास्टरक्लास’ के दौरान आमिर खान ने साल 2018 में आई अपनी हाई-बजट फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ (Thugs of Hindostan) की विफलता पर खुलकर बात की। उन्होंने न सिर्फ यह स्वीकार किया कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर “बुरी तरह से पिट गई”, बल्कि इसके पीछे की बड़ी वजह को भी साझा किया। आमिर खान ने फिल्म की कहानी को “बहुत ही साधारण” बताते हुए इसके बेसिक फॉर्मेट की तुलना 1975 की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर क्लासिक फिल्म ‘शोले’ (Sholay) से कर डाली।
अभिनेता ने कहा कि एक नियम के तौर पर, कोई फ़िल्म करने का फ़ैसला करते समय वह हमेशा स्क्रिप्ट को सबसे पहले रखते हैं। विजय कृष्ण आचार्य द्वारा निर्देशित YRF की फ़िल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ को याद करते हुए, आमिर ने कहा कि उन्होंने उस तरीके से हटकर काम किया और बाद में उन्हें एहसास हुआ कि यह एक गलती थी। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमाघरों में रिलीज़ हुआ फ़िल्म का वर्शन मूल स्क्रिप्ट से बहुत अलग था, क्योंकि कास्टिंग प्रक्रिया के दौरान इसमें कई बदलाव किए गए थे।
आमिर बताते हैं कि वह आमतौर पर फ़िल्में कैसे चुनते हैं
आमिर ने कहा कि उन्हें जो किरदार ऑफ़र किया जाता है, वह किसी फ़िल्म के लिए राज़ी होने का मुख्य कारण नहीं होता। आमिर ने कहा, “मेरे लिए, मैं कौन सा किरदार निभा रहा हूँ, यह बात दूसरे नंबर पर आती है।” “इसलिए, जब मैं ‘दंगल’ के लिए हाँ कहता हूँ, तो इसकी वजह यह होती है कि मुझे उसकी स्क्रिप्ट पसंद आती है। यह एक बेहतरीन कहानी है, जिसमें हर किरदार के लिए कुछ न कुछ शानदार करने को है। उसके बाद मैं अपने किरदार, महावीर पर ध्यान देता हूँ। लेकिन मैंने फ़िल्म के लिए इसलिए हाँ नहीं कहा कि ‘महावीर का किरदार कितना ज़बरदस्त है!'”
2016 में रिलीज़ हुई और नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘दंगल’ में आमिर ने पहलवान महावीर फोगाट का किरदार निभाया था। यह फ़िल्म दुनिया भर में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्म बनी और इसने 2000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की।
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एक अपवाद
आमिर ने कहा कि ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ ही एकमात्र ऐसा मौका था जब उन्होंने अपना खुद का नियम तोड़ा। उन्होंने कहा, “सिर्फ़ एक बार ऐसा हुआ, जब मैंने कहानी के बजाय अपने किरदार को ज़्यादा अहमियत दी, लेकिन वह फ़िल्म बुरी तरह से पिट गई।”
उन्होंने आगे कहा कि वह फ़िल्म में निभाए गए अपने किरदार ‘फ़िरंगी’ से बहुत ज़्यादा प्रभावित थे। आमिर ने बता “फिरंगी एक ऐसा किरदार है जिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जा सकता। आपको पता ही नहीं चलता कि वह कब सच बोल रहा है और कब नहीं। उसे बस अपनी ही फिक्र रहती है। मुझे वह एक बहुत ही आकर्षक और दिलचस्प किरदार लगा। उसके कुछ पल तो बहुत ही शानदार हैं,।
उन्होंने इसकी तुलना ‘शोले’ से क्यों की?
फिल्म की बनावट के बारे में बताते हुए आमिर ने कहा, “‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ की कहानी बहुत ही आम है। यह बिल्कुल ‘शोले’ जैसी है।” फिर उन्होंने दोनों फिल्मों के बीच की समानताएं गिनाईं
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उन्होंने कहा “शोले में संजीव कुमार का किरदार ठाकुर है, जिसे अपने परिवार के खत्म हो जाने का बदला लेना होता है। और फिर दो लोग उसकी मदद के लिए आते हैं – जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेंद्र)। वहीं इस फिल्म में ज़फीरा (फातिमा सना शेख) का परिवार खत्म हो जाता है। उसे मदद की ज़रूरत होती है, और फिरंगी (आमिर) उसकी मदद के लिए आता है।
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