अमेरिका और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार अंतरिम व्यापार समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने के मकसद से सोमवार से यहां चार दिवसीय बैठक करेंगे. अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा फरवरी में तय की गई थी. अमेरिकी दल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे और भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन होंगे. जैन वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं. वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपायों, सीमा शुल्क तथा व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है.

50 से 18 फीसदी किया था टैरिफ
भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी कर पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की थी. अब दोनों पक्षों को इस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना होगा. इस रूपरेखा ने व्यापक भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की. रूपरेखा के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी.
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उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25 प्रतिशत शुल्क को हटा दिया था और समझौते के तहत शेष 25 प्रतिशत को घटाकर 18 प्रतिशत करना था. लेकिन, इस साल 20 फरवरी को अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया. यह शुल्क 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकाल आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) के तहत लगाए गए थे.
जब कैंसिल हो गई थी बैठक
अमेरिका के राष्ट्रपति ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की. इन बदलावों के मद्देनजर, भारत और अमेरिका के मुख्य वार्ताकारों के बीच फरवरी में बैठक रखी गई थी, जो स्थगित कर दी गई थी. भारतीय दल ने 20 से 23 अप्रैल, 2026 तक अमेरिका की यात्रा की और दोनों पक्ष वाशिंगटन में मिले थे. चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए, मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में अमेरिकी टीम एक से चार जून, 2026 तक भारत की यात्रा करेगी.












