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भारत और ब्राजील के रिश्तों का नया दौर! जानिए कैसे लूला डी सिल्वा की वापसी से खुलेगा 30 अरब डॉलर के ट्रेड का रास्ता​

ब्राजील के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के फिर से चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. इससे दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों पर फिर से ध्यान गया है. ये संबंध कभी केवल सीमित व्यापार तक सीमित थे, लेकिन अब ये एक व्यापक आर्थिक और राजनयिक साझेदारी […]

ब्राजील के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के फिर से चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. इससे दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय संबंधों पर फिर से ध्यान गया है. ये संबंध कभी केवल सीमित व्यापार तक सीमित थे, लेकिन अब ये एक व्यापक आर्थिक और राजनयिक साझेदारी में बदल गए हैं. दोनों देश विकासशील इकोनॉमीज के लिए ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर एक मजबूत आवाज चाहते हैं. ‘X’ पर एक पोस्ट में, मोदी ने लूला को अपना “प्रिय मित्र” बताया और कहा कि वे भारतब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेंगे, ‘ग्लोबल साउथ’ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे, और एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ दुनिया बनाने की दिशा में काम करेंगे.

लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में ब्राजील भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों देश संयुक्त राष्ट्र में सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद विरोधी जैसे वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करते हैं. लूला के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भारतब्राजील संबंधों में काफी प्रगति हुई है. 2003 से 2010 तक उनके पहले दो कार्यकालों में इन संबंधों को गति मिली, और 2023 में उनके सत्ता में लौटने के बाद ये और भी विस्तारित हुए. दोनों देशों का साझा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और वार्ताओं में बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को और अधिक प्रभावी बनाना है.

व्यापारिक लक्ष्य

लूला के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के बाद से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध काफी बढ़े हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2025 में बाइलेटरल ट्रेड 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 2024 के 12.2 अरब डॉलर से 25% से अधिक की वृद्धि है. 2026 के पहले छह महीनों में कुल व्यापार 8.77 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 37% अधिक है.

2025 में भारत ने ब्राजील को 8.35 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जिसमें पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, दवाएं और इंजीनियरिंग उत्पाद शामिल थे. वहीं, ब्राजील से भारत ने 6.85 अरब डॉलर मूल्य का आयात किया, जिसमें कच्चा तेल, सोयाबीन तेल, कच्ची चीनी, कपास और लौह अयस्क शामिल थे.

इस साल अपनी भारत यात्रा के दौरान, लूला ने बाइलेटरल ट्रेड को बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की आर्थिक क्षमता बहुत मजबूत है. यह उस 20 अरब डॉलर के लक्ष्य से कहीं अधिक महत्वाकांक्षी है, जिसे मोदी ने पहले 2030 के लिए तय किया था.

लूला ने भारत को “ग्लोबल साउथ का लोकतांत्रिक भाई” भी बताया है. नई दिल्ली में ‘इंडियाब्राजील इकोनॉमिक फोरम’ में बोलते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह रिश्ता समानता और आपसी सम्मान पर आधारित है.

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब हम भारत जैसे देश के साथ बातचीत कर रहे होते हैं, तो हमारा सामना किसी उपनिवेशवादी से नहीं हो रहा होता है. उन्होंने अमीर देशों के साथ होने वाली बातचीत की तुलना में इस रिश्ते को अलग बताया.

रणनीतिक साझेदारी

मौजूदा संबंधों की नींव लूला के पहले दो कार्यकालों के दौरान रखी गई थी. जनवरी 2004 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी भारत यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई दी. 2006 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ब्राज़ील यात्रा के दौरान, भारत और ब्राज़ील ने अपने संबंधों को औपचारिक रूप से ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाया.

दोनों देश व्यापारिक संबंधों को गहरा करने और तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए. उन्होंने निवेश और व्यावसायिक संबंधों का विस्तार करने का भी प्रयास किया, जिससे इन संबंधों का दायरा केवल व्यापार से कहीं आगे तक बढ़ गया.

लूला ने इस बात का भी ज़िक्र किया है कि भारत के साथ उनके जुड़ाव ने ब्राजील की आर्थिक सोच को कैसे प्रभावित किया. 2000 के दशक के मध्य में अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए उन्होंने बताया कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को देखकर उन्हें यह समझ आया कि विदेशी मुद्रा भंडार रखना कितना महत्वपूर्ण है. उस समय भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 100 अरब डॉलर था.

2005 में भारत में ही, मुझे पहली बार अंतर्राष्ट्रीय ‘हार्ड करेंसी’ भंडार रखने के महत्व का एहसास हुआ. उन्होंने बताया कि इसके बाद ब्राज़ील ने अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाकर लगभग 360 अरब डॉलर कर लिया. उन्होंने इस कदम को देश की आर्थिक मजबूती और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में उसकी स्थिति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया.

ग्लोबल साउथ के लिए एक साझा आवाज

भारत और ब्राजील ने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर तालमेल बिठाने के लिए अपने बढ़ते संबंधों का इस्तेमाल किया. 2003 में, उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका के साथ मिलकर ‘इंडियाब्राज़ीलसाउथ अफ़्रीका डायलॉग फोरम’ की शुरुआत की. इसने इन तीनों देशों को विकास और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर एक साथ काम करने के लिए एक मंच प्रदान किया.

इस समूह की पहली शिखरस्तरीय बैठक 2006 में ब्रासीलिया में हुई थी. इसके एजेंडे में कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग शामिल था. इन तीनों देशों ने अपनी साझा चिंताओं को वैश्विक संस्थाओं में एक मज़बूत आवाज में बदलने की कोशिश की. भारत और ब्राजील ने रूस और चीन के साथ मिलकर ‘BRIC’ समूह के जरिए भी तालमेल बिठाया. इस समूह का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में हुआ था, और दूसरा शिखर सम्मेलन अप्रैल 2010 में ब्राज़ील में आयोजित किया गया था.

BRICS कूटनीति

लूला के फिर से चुने जाने से BRICS के भीतर भारतब्राज़ील सहयोग को नई गति मिल सकती है, ख़ास तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार के मामले में ऐसा देखने को मिल सकता है. दोनों देश चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय फैसले लेने की प्रक्रिया में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका और मजबूत हो. वहीं भारत सुरक्षा परिषद में स्थाई सीट पाने के लिए जोर दे रहा है.

लूला ने बाइलेटरल ट्रेड के लिए केवल अमेरिकी डॉलर पर निर्भर रहने के बजाय, लोकल करेंसीज में लेनदेन करने की वकालत भी की है. फरवरी 2026 में अपनी भारत यात्रा के दौरान, उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापारिक भुगतान के लिए भारतीय रुपये और ब्राज़ीलियाई रियाल के इस्तेमाल पर विचार कर सकते हैं, हालांकि उन्होंने इसमें आने वाली चुनौतियों को भी स्वीकार किया. यह जरूरी नहीं है कि भारत और ब्राज़ील के बीच व्यापार समझौता अमेरिकी डॉलर में ही हो. हम अपनी करेंसीज का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह मुश्किल है, लेकिन हम कोशिश कर सकते हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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