मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
300 रुपए की मजदूरी पर विवाद, पेचकस से 3 कत्ल… देहरादून ट्रिपल मर्डर में प्लंबर अरेस्ट​ | India vs West Indies: श्रेयस अय्यर का टी-20 में पहला शतक, लखनऊ में भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया, लगातार 10वीं जीत​ | ट्रैफिक के शोर से परेशान हैं? नोएडा में एलिवेटेड रोड पर 18 करोड़ से लगेगा साउंड बैरियर, इन सेक्टरों को फायदा​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

ब्रह्मलीन हुए बरसाने वाले रमेश बाबा, 90 साल की उम्र में छोड़ी देह; गोवर्धन संरक्षण के लिए मिला था पद्म पुरस्कार​

बरसाने वाले रमेश बाबा आज 90 साल की आयु में ब्रह्मलीन हो गई. इस खबर से भगवान कृष्ण की क्रीणा स्थली ब्रजभूमि में वास कर रहे संत समाज को आज बड़ा आघात लगा है. इस खबर से ना केवल बरसाना, बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. रमेश बाबा का पूरा […]

बरसाने वाले रमेश बाबा आज 90 साल की आयु में ब्रह्मलीन हो गई. इस खबर से भगवान कृष्ण की क्रीणा स्थली ब्रजभूमि में वास कर रहे संत समाज को आज बड़ा आघात लगा है. इस खबर से ना केवल बरसाना, बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. रमेश बाबा का पूरा जीवन ब्रज सेवा, गौसेवा, संत परंपरा और राधारानी की भक्ति को समर्पित रहा. उन्हें ब्रज में बड़ी श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था.

आज तक बरसाना छोड़कर बाहर नहीं जाने वाले रमेश बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए देश के अलगअलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरसाना पहुंचते रहे हैं. अब उनके देहावसान की खबर से उनके भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई है. बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही उनके आश्रम पर पहुंच रहे हैं. वहीं हजारों की तादात में सोशल मीडिया यूजर डिजीटल प्लेटफार्म पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे है.

विरक्त संत और पर्यावरणविद थे रमेश बाबा

रमेश बाबा के निधन से बरसाना के अलावा वृंदावन, गोवर्धन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र में उनके अनुयायियों में गहरी भावुकता देखने को मिल रही है. आश्रम से जुड़े सुनील कुमार के मुताबिक रमेश बाबा विरक्त संत और पर्यावरणविद थे. वह बरसाना स्थित गहवर वन के मान मंदिर में रहते थे. उनका जन्म 1938 में प्रयागराज में हुआ था और 15 साल की उम्र में वह ब्रज आ गए थे. 6 अक्टूबर 2026 को 90 वर्ष की आयु में बरसाना के मान मंदिर में उनका ब्रह्मलीन हो गया.

इसलिए मिला था पद्म पुरस्कार

रमेश बाबा ने बरसाना में ‘माता जी गौशाला’ की स्थापना की. यह गौशाला ब्रज क्षेत्र ही नहीं देश की सबसे बड़ी गौशालाओं में गिनी जाती है. इसमें हज़ारों निराश्रित व वृद्ध गायों की सेवा होती है. रमेश बाबा ने ब्रज की पहाड़ियों को बचाने, वनों के संरक्षण और बदहाल हो चुकी यमुना नदी को शुद्ध करने के लिए कई बड़े आंदोलन व पदयात्राएं चलाईं. इसकी वजह से उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY