हेल्दी शरीर के लिए प्रोटीन, विटामिन-D, विटामिन B-12 , कैल्शियम, ओमेगा जैसे कई पोषक तत्व हैं जिनकी कमी शरीर के लिए घातक हो सकती है। लेकिन फिर भी 73% भारतीयों में प्रोटीन तो करीब 80% को विटामिन D की कमी है। देश की आधे से ज्यादा आबादी आयरन-कैल्शियम और विटामिन B12 डेफिशिएंसी की गिरफ्त में है। जबकि, बाबा रामदेव कहते हैं कि बड़ी आसानी से इन तमाम न्यूट्रिएंट्स की कमी से बचा जा सकता है जरूरी है खाने की थाली का ख्याल रखना और सुबह सुबह योग करना क्योकि हर कमी का हर बीमारी का रामबाण इलाज है योग।

शरीर के लिए प्रोटीन क्यों है जरूरी?
ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि प्रोटीन की जरूरत सिर्फ जिम करने वालों और प्लेयर्स को होती है, ताकि मांसपेशियां मजबूत बनी रहें। लेकिन सच तो ये है कि प्रोटीन हर किसी के लिए जरूरी है चाहे वह कसरत करता हो या नहीं।शरीर में हर दिन लाखों सेल्स टूटते-बनते हैं।इन कोशिकाओं के बनने, मसल्स की रिकवरी और हार्मोन-एंजाइम के प्रोडक्शन यानी इन सब प्रोसेस में प्रोटीन ज़रूरी होता है। हालांकि, ज़्यादातर लोगों को पता ही नहीं कि रोज़ उनका प्रोटीन इनटेक कितना होना चाहिए। इसका फॉर्मूला एकदम सिंपल सा है एक किलो वेट यानि एक ग्राम प्रोटीन।इस हिसाब से जितना बॉडी वेट है उतने ग्राम प्रोटीन रोज़ लेना चाहिए। शाकाहारी भोजन में सबसे ज्यादा प्रोटीन सोयाबीन और सोया उत्पादों (जैसे सोया चंक्स, टोफू, टेम्पेह) में होता है। अगर आप वेजिटेरियन हैं तो इन्हें अपनी डाइट में ज़रूर शामिल करें
कौन सी डिफिशिएंसी से कौन सी बीमारी हो सकती है?
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विटामिन B-12: विटामिन B-12 की कमी से न्यूरो प्रॉब्लम और मसल्स पर असर होता है। इससे शरीर में थकान, कमजोरी, हाथों-पैरों में सुन्नता या झुनझुनी, जीभ में सूजन, याददाश्त में कमी, डिप्रेशन और सांस फूलने जैसे लक्षण पैदा करती है।
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कैल्शियम की कमी: कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस, कमज़ोरी, आर्थराइटिस, डेंटल प्रॉब्लम, डिप्रेशन और स्किन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
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विटामिन ए की कमी: विटामिन A की कमी से मुख्य रूप से रतौंध, सूखी त्वचा, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और आंखों में संक्रमण जैसी समस्याएं होती हैं
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आयरन की कमी: शरीर में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, जिससे एनीमिया होता है। इसके मुख्य लक्षणों में थकान, कमजोरी, पीली त्वचा, सांस फूलना, चक्कर आना और बाल झड़ना शामिल हैं।
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विटामिन डी: विटामिन डी की कमी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को कम करती है, जिससे हड्डियां कमजोर (ऑस्टियोपोरोसिस), मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
डिफिशिएंसी कैसे होगी पूरी?
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विटामिन B-12: विटामिन B-12 की कमी को पूरा करने के लिए अपनी डाइट में मछली, मांस, चिकन, अंडे दूध, दही, पनीर और छाछ को शामिल करें।
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कैल्शियम: कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए दूध, दही, पनीर, रागी, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, चिया सीड्स, बादाम, अंजीर, संतरा और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें।
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विटामिन ए: विटामिन ए की कमी की पूर्ति के लिए गाजर, शकरकंद, पालक, आम और लीवर जैसे विटामिन A युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
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आयरन की कमी: आयरन की कमी को पूरा करने के लिए अपनी डाइट में पालक, मेथी, सरसों का साग, अनार, खजूर, अंजीर, किशमिश, तरबूज और स्ट्रॉबेरी को शामिल करें।
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विटामिन डी: विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए फैटी फिश, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध, दही, मशरूम, और संतरे का जूस शामिल करें। दूध, सोया मिल्क, और सीरियल्स जैसे फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी मददगार हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है





