गले में बलगम (Mucus) का जमा होना कोई बीमारी नहीं, बल्कि हमारे शरीर के सुरक्षा तंत्र का एक हिस्सा है। लेकिन जब यह बलगम जरूरत से ज्यादा बनने लगता है, तो यह Chronic Congestion या Post-Nasal Drip का रूप ले लेता है। अक्सर हम अपनी डाइट में ऐसी चीजों का सेवन करते हैं जो ‘म्यूकस’ के उत्पादन को और बढ़ा देती हैं। क्या आप जानते हैं कि डेयरी उत्पाद या अधिक मीठा खाना आपके गले की समस्या को गंभीर बना सकता है? आयुर्वेदिक और युनानी दवाओं के एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी ने बताया बलगम एक चिपचिपा पदार्थ है, जो हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम यानी सांस लेने की प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है।

यह नाक, गले और फेफड़ों में बनता है और इन हिस्सों को नम बनाए रखने के साथ-साथ धूल, बैक्टीरिया और वायरस जैसे हानिकारक कणों को पकड़कर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए थोड़ी मात्रा में बलगम बनना सामान्य और शरीर के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन बलगम ज्यादा बनने लगे तो ये बॉडी में कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकता है।
सर्दी-जुकाम, फ्लू या एलर्जी जैसी स्थितियों में शरीर खुद को बचाने के लिए ज्यादा म्यूकस बनाता है। यह एक नेचुरल प्रतिक्रिया है, लेकिन जब यह अधिक हो जाता है, तो गले में जमा होकर खांसी, भारीपन और सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप कुछ फूड्स से परहेज करें तो आपको बलगम ज्यादा बनने की परेशानी से निजात मिल सकती है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड्स है जिनका सेवन करने से गले में बलगम ज्यादा बनता है।आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड्स है जिनका सेवन करने से बलगम ज्यादा बनता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स से करें परहेज
दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे पनीर, दही और चीज कुछ लोगों में बलगम के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। हालांकि इस पर वैज्ञानिक राय अलग-अलग है, लेकिन आयुर्वेद के मुताबिक डेयरी प्रोडक्ट्स लेने से गले में बलगम बढ़ जाता है। ऐसे में जिन लोगों को यह समस्या रहती है, वे कुछ समय के लिए डेयरी प्रोडक्ट का सेवन कम करके खुद फर्क महसूस कर सकते हैं।
रिफाइंड शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स से करें परहेज
ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन शरीर में सूजन बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है। इससे बलगम का उत्पादन बढ़ सकता है। इसके अलावा, ये फूड्स शरीर में पानी की कमी भी करते हैं, जिससे म्यूकस गाढ़ा होकर गले में जम जाता है और परेशानी बढ़ती है। रिफाइंड शुगर और प्रोसेस फूड्स का सेवन कंट्रोल करें तो आपको इस परेशानी से निजात मिल सकती है।
रेड मीट और फ्राइड फूड्स से करें परहेज
रेड मीट जैसे बीफ, पोर्क, लैम्ब और डीप फ्राइड फूड्स जैसे समोसे, पकोड़े में सैचुरेटेड फैट्स ज्यादा होता हैं, जो शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ाते हैं। इससे बलगम ज्यादा बनने लगता है और गले व छाती में जमा होकर असहजता पैदा करता है। इसलिए इनका सेवन सीमित करना बेहतर होता है।
कैफीन और अल्कोहल भी करता है असर
चाय, कॉफी और अल्कोहल जैसी ड्रिंक शरीर को डिहाइड्रेट कर सकती हैं। ये प्राकृतिक डाइयूरेटिक होती हैं, यानी ये ड्रिंक शरीर से पानी की मात्रा कम करते हैं। इसके कारण म्यूकस गाढ़ा हो जाता है और गले या साइनस में जमा होने लगता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और साथ में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
बलगम कम करने के आसान उपाय
पानी का ज्यादा सेवन करें
बलगम की समस्या को कम करने के लिए सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से म्यूकस पतला होता है और आसानी से बाहर निकलता है। इसके अलावा, अदरक, दालचीनी और पुदीना की हर्बल चाय एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण राहत देती हैं।
स्टीम इनहेलेशन है जरूरी
गर्म पानी की भाप लेना (स्टीम इनहेलेशन) गले और नाक के रास्तों को खोलने में मदद करता है, जिससे बलगम पतला होकर बाहर निकलता है। स्टीम के पानी में पुदीना या यूकेलिप्टस ऑयल मिलाने से असर और बढ़ सकता है।
घरेलू असरदार नुस्खे
आयुर्वेदिक उपाय जैसे तुलसी, शहद और हल्दी का सेवन भी बलगम कम करने और रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। बलगम एक जरूरी शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा बनने लगता है, तो परेशानी का कारण बनता है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। इसमें बताए गए कारण, फूड्स और घरेलू उपाय हर व्यक्ति पर समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकते। यदि बलगम, खांसी या सांस से जुड़ी समस्या लंबे समय तक बनी रहे, बढ़ जाए या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।





