किचन में बर्तन साफ करने वाले स्पंज को बदलने में लोग काफी दिन लगा देते हैं। स्पंज बर्तनों पर लगी गंदगी और खाने को तो साफ कर देता है लेकिन अगर स्पंज को खुद भी ठीक से साफ न किया जाए तो इसमें फंसा खाना और गंदगी सड़ने लगती है। गंदे स्पंज में लाखों बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। सिर्फ बर्तन साफ करने के लिए ही नहीं बल्कि किचन स्लैब, गैस चूल्हा और मसाले रखने वाले डब्बों को साफ करने के लिए भी स्पंज का इस्तेमाल होता है। अब जरा सोचिए कि स्पंज में कितनी गंदगी भर जाती होगी। इसी गंदे स्पंज का इस्तेमाल कुछ लोग महीनों तक करते रहते हैं। ये आदत सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है। सफाई करने वाला स्पंज आपको बीमारी बना सकता है। आइये जानते हैं बर्तन धोने वाला स्पंज को कितने दिन में बदल देना चाहिए?

स्पंज को कितने दिन में बदल देना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्टस की मानें तो आपको 8 से 10 दिन में बर्तन धोने वाला स्पंज बदल देना चाहिए। अगर दिन में कई बार बहुत सारे बर्तन साफ करते हैं तो आप इसे हफ्ते में यानि 7 दिन में ही बदल दें। जिन घरों में कम बर्तन धोए जाते हैं वो इसे 15 दिन तक इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे ज्यादा दिन बर्तन धोने वाले स्पंज का इस्तेमाल आपको नहीं करना चाहिए। बर्तन धोने के बाद स्पंज को गर्म पानी में डालकर छोड़ दें। अब इस साफ पानी से 2-3 बार अच्छी तरह से धो लें। फिर इसे सूखा जगह पर या धूप में रख दें। इससे स्पंज में बैक्टीरिया को पनपने के लिए नमी नहीं मिलेगी। इससे स्पंज में बदबू भी नहीं आएगी।
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पुराना स्पंज इस्तेमाल करने से क्या होता है?
बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पंज साबुन के घोल में गीला पड़ा रहता है। कई बार इसमें खाना फंसा होता है जो सड़कर स्मैल दे रहा होता है। दिन भर हम इसी गंदे स्पंज से बर्तनों को साफ करते रहते हैं और स्पंज को साफ करके सुखाने का मौका भी नहीं मिल पाता है। खाने के कण फंसे होने से इसमें नमी और गंदगी बैक्टीरिया बढ़ा देते हैं। इसमें खतरनाक कीटाणु बढ़ने लगते हैं। डॉक्टर्स की मानें तो पुराने और गंदे स्पंज में टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसमें ई कोलाई और सालमोने जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं।
गंदे स्पंज के इस्तेमाल से हो सकती हैं बीमारियां
अगर स्पंज में बहुत ज्यादा बैक्टीरियां पैदा हो चुके हैं और ऐसे स्पंज से आप बर्तन साफ करते हैं तो ये बर्तनों पर चिपककर शरीर तक पहुंच सकते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग, दस्त और उल्टी, पेट में तेज दर्द, आंतों में संक्रमण हो सकता है। कई बार स्पंज में फफूद जैसी आ जाती है। इस तरह के खराब स्पंज से बर्तन मांजना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन, स्किन एलर्जी और चकत्ते, फंगल इंफेक्शन बीमारियां हो सकती हैं।





