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‘बच्चों को बचाने टैंक में उतरा, तो मैं खुद होने लगा बेहोश…’ छात्र ने बताया वृंदावन गुरुकुल हादसे का खौफनाक मंजर​

Vrindavan Gurukul Tank Tragedy: वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में हुए दर्दनाक हादसे के बाद घटनास्थल से जुड़ा एक और बेहद अहम और झकझोर देने वाला अपडेट सामने आया है. हादसे के दौरान टैंक में फंसे बच्चों को बचाने के लिए अंदर गए एक छात्र रुद्र ने उस वक्त का पूरा […]

Vrindavan Gurukul Tank Tragedy: वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में हुए दर्दनाक हादसे के बाद घटनास्थल से जुड़ा एक और बेहद अहम और झकझोर देने वाला अपडेट सामने आया है. हादसे के दौरान टैंक में फंसे बच्चों को बचाने के लिए अंदर गए एक छात्र रुद्र ने उस वक्त का पूरा घटनाक्रम बताया है.

रुद्र के मुताबिक, टैंक में एकएक करके बच्चे नीचे गए थे, लेकिन कुछ समय बाद जब अंदर मौजूद बच्चों की तरफ से कोई आवाज नहीं आई तो गुरुजी को चिंता हुई. इसके बाद गुरुजी ने रुद्र को अंदर जाकर देखने के लिए कहा. रुद्र ने बताया कि जब वह अंदर पहुंचा तो वहां का मंजर देखकर उसके होश उड़ गए. चारों बच्चे टैंक के अंदर बेहोशी की हालत में पड़े हुए थे.

रुद्र की हालत भी बिगड़ने लगी

रुद्र ने बच्चों को उठाने और बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन बच्चों को बचाने की कोशिश के दौरान ही रुद्र की हालत भी बिगड़ने लगी. उसने बताया कि कुछ ही देर में उसे भी सांस लेने में परेशानी और बेहोशी जैसा महसूस होने लगा. उसे अंदाजा हो गया कि अगर वह ज्यादा देर अंदर रहा तो उसकी जान भी खतरे में पड़ सकती है. इसके बाद रुद्र ने किसी तरह गुरुजी को आवाज लगाकर मदद के लिए पुकारा.

आवाज सुनकर बाहर मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया. रुद्र के बाहर आने के बाद टैंक में फंसे बाकी बच्चों को निकालने के लिए भी बचाव का प्रयास शुरू किया गया. बताया गया कि बच्चों को रस्सी के सहारे बाहर निकाला गया. रुद्र की यह आपबीती हादसे की गंभीरता को बयां करती है.

गुरुकुल परिसर में चीखपुकार और अफरातफरी का माहौल

जिस टैंक के अंदर बच्चे मदद की उम्मीद में फंसे थे, उसी जगह उन्हें बचाने गया रुद्र भी कुछ ही देर में बेहोशी की कगार पर पहुंच गया. हादसे के बाद गुरुकुल परिसर में चीखपुकार और अफरातफरी का माहौल बन गया. बच्चों को बाहर निकालने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर टैंक के अंदर ऐसी जानलेवा स्थिति कैसे बनी?

बच्चों को टैंक में उतारने से पहले सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे? और बचाव के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों मौजूद नहीं थे? इस दर्दनाक हादसे में चार बच्चों की जान चली गई, जबकि एक बच्चा गंभीर हालत में बताया जा रहा है. अब रुद्र की सामने आई आपबीती ने पूरे घटनाक्रम को और भी गंभीर बना दिया है और हादसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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