
घटना बालाघाट के रामपायली थाना क्षेत्र की है. बुधवार को गर्राबोड़ी-मुरझड मार्ग पर सड़क किनारे 23 वर्षीय तरुण नगपुरे का शव बरामद हुआ. पास में ही उसकी बाइक पड़ी थी. पहली नजर में यह मामला सड़क हादसे का लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने जांच की कड़ियां जोड़ीं, तो सच ने सबके होश उड़ा दिए. तरुण का गांव की ही एक युवती के साथ पिछले 6 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार की जिद के आगे मजबूर युवती की शादी 5 मई को कहीं और तय हो गई.
तरुण अपनी प्रेमिका को आखिरी बार दुल्हन के लिबास में देखने शादी समारोह में जा पहुंचा. जब पुलिस ने विवाह की रिकॉर्डिंग खंगाली, तो एक फ्रेम में तरुण पैदल जाता हुआ नजर आया. यहीं से शक की सुई घूमी. असल में, युवती ने ही इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप कॉल कर तरुण को शादी की रात बुलाया था.
हत्या को घटना का रूप देने के लिए रची साजिश
जैसे ही युवती के भाई वेद प्रकाश ने तरुण को देखा, उसका खून खौल उठा. उसने अपने भाई हरिप्रकाश और दोस्तों योगेश, कमल किशोर और दिलीप के साथ मिलकर तरुण को घेर लिया. स्टेज के पीछे ले जाकर लाठी-डंडों से उसकी इतनी बेरहमी से पिटाई की कि तरुण ने दम तोड़ दिया. हत्या को हादसे का रूप देने के लिए आरोपियों ने किसी शातिर अपराधी की तरह ‘फिल्मी स्टाइल’ अपनाया. वे तरुण के शव को उसकी अपनी ही बाइक पर बीच में बैठाकर ले गए.
एक्सीडेंट को असली दिखाने के लिए चलती बाइक से तरुण के पैरों को सड़क पर रगड़ा गया ताकि घिसटने के निशान बन सकें. अंत में गर्राबोड़ी के पास बाइक और शव को फेंक दिया गया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल्स के आधार पर पांचों आरोपियों को धर दबोचा है. प्यार के गम में सिर मुंडवा चुके तरुण को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस प्रेम के लिए उसने सब कुछ न्योछावर कर दिया, उसका अंजाम इतना दर्दनाक होगा.





