नई दिल्ली: Pre pregnancy tests: आज के समय में प्री-मेच्योर डिलीवरी और मिस्केरेज के मामले काफी सामने आ रहे हैं. यदि आप भी उनमें से हैं जो फैमिली प्लानिंग की सोच रहे हैं तो यह आपकी लाइफ का सबसे अहम फैसला हो सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले प्री-कंसीप्शन चेकअप्स यानी गर्भधारण से पहले की तैयारी ज्यादा जरूरी है. आज के दौर में लाइफस्टाइल, स्ट्रेस और खान-पान का सीधा असर फर्टिलिटी पर पड़ता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि क्या आपका शरीर प्रेग्नेंसी के लिए पूरी तरह तैयार है? सही समय पर कराए गए कुछ बेसिक मेडिकल टेस्ट न केवल कंसीव करने में मदद करते हैं, बल्कि प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले रिस्क को भी कम कर देते हैं. तो आइए जानते हैं वो टेस्ट कौन से हैं और उनसे क्या पता चलता है.
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महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है स्क्रीनिंग?
एक महिला के शरीर को प्रेग्नेंसी के 9 महीनों के दौरान बड़े बदलावों से गुजरना पड़ता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सबसे पहले हार्मोनल प्रोफाइल चेक करना चाहिए. इसमें थायराइड (TSH), प्रोलैक्टिन और एएमएच (AMH) टेस्ट शामिल हैं. इस टेस्ट से यह पता चलता है कि महिला के ओवरी में अंडों की संख्या कितनी है.
इसके अलावा हीमोग्लोबिन और आयरन की जांच भी अहम है क्योंकि भारत में महिलाओं में एनीमिया की समस्या आम है जो प्रेग्नेंसी में कमजोरी का कारण बन सकती है. साथ ही रुबेला और चिकनपॉक्स जैसी बीमारियों के लिए इम्यूनिटी चेक करना भी जरूरी है ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे को कोई इन्फेक्शन न हो.
पुरुषों की सेहत भी अहम
अक्सर माना जाता है कि फर्टिलिटी सिर्फ महिलाओं से जुड़ा मामला है लेकिन कई एक्सपर्ट्स इस सोच को गलत बताते हैं. पिता बनने की तैयारी कर रहे पुरुषों को भी अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए. इसके लिए सीमेन एनालिसिस सबसे बेसिक और जरूरी टेस्ट है. इससे स्पर्म काउंट, उनकी शेप और मूवमेंट की जानकारी मिलती है.
यदि रिपोर्ट में कोई कमी पाई जाती है तो डाइट और सही ट्रीटमेंट से इसे सुधारा जा सकता है. इसके अलावा लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की जांच भी जरूरी है क्योंकि ये सीधे तौर पर फर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं.कोई कमी पाई जाती है तो डाइट और सही ट्रीटमेंट से इसे सुधारा जा सकता है. इसके अलावा लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की जांच भी जरूरी है क्योंकि ये सीधे तौर पर फर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं.रत में मचा हाहाकार! दक्षिण में बारिश, बदल रहा मौसम का मिजाज; आखिर कब मिलेगी राहत?





