राज बब्बर और स्मिता पाटिल के बेटे प्रतीक स्मिता पाटिल का अपने पिता के साथ रिश्ता हमेशा उतार-चढ़ाव भरा रहा है। स्मिता पाटिल की मौत प्रसव के दौरान हो गई थी, जिसके बाद प्रतीक की परवरिश उनके नाना-नानी ने की। बाद में पिता और बेटे के रिश्ते सुधरे, लेकिन पिछले कुछ सालों में फिर तनाव बढ़ गया।

2025 में जब प्रतीक ने प्रिया बनर्जी से शादी की, तब उन्होंने अपने पिता राज बब्बर और उनके पहले परिवार सौतेले भाई-बहन जूही बब्बर और आर्या बब्बर को शादी में नहीं बुलाया। इससे परिवार को बड़ा झटका लगा।
अब आर्य बब्बर ने एक इंटरव्यू में इस पारिवारिक विवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि प्रतीक हमेशा खुद को पीड़ित दिखाते हैं और परिवार को गलत साबित किया जाता है। आर्य भावुक होते हुए बोले, “हम रिश्तों को बहुत प्यार से संभालते हैं, लेकिन अचानक उसने हमसे बात करना बंद कर दिया। मैंने कई बार कॉल और मैसेज किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।”
आर्य ने कहा कि प्रतीक को जब पैसों या घर की जरूरत होती थी, तब राज बब्बर उनके पिता थे, लेकिन जब समाज के सामने सम्मान देने की बात आती है, तब वह उन्हें पिता नहीं मानते। उन्होंने कहा,“जब करियर अच्छा नहीं चल रहा था और पॉकेट मनी चाहिए थी, तब वो पिता थे। जब स्मिता मां के लिए खरीदे गए घर में रहना था, तब वो पिता थे। लेकिन जब सम्मान देने की बात आई, तब वो पिता नहीं रहे।”
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आर्य ने यह भी कहा कि उनके परिवार और प्रतीक की पत्नी प्रिया बनर्जी के बीच पहले अच्छे संबंध थे। सब साथ में डिनर और फैमिली आउटिंग पर जाते थे, लेकिन अब उन्होंने भी संपर्क खत्म कर दिया है।
राज बब्बर उस समय पहले से शादीशुदा थे और उनकी पत्नी नादिरा बब्बर और दो बच्चे थे, जब उन्हें स्मिता पाटिल से प्यार हुआ। बाद में स्मिता के निधन के बाद राज फिर अपने पहले परिवार के पास लौट गए, जबकि प्रतीक अपने नाना-नानी के साथ रहे।
आर्य ने दुख जताते हुए कहा, “यह सबसे बड़ी त्रासदी है कि जिस स्मिता मां के लिए मेरे पिता ने अपना परिवार छोड़ा, आज उसी स्मिता मां का बेटा उन्हें पिता मानने को तैयार नहीं है।”
हालांकि, आर्य ने यह भी साफ किया कि मुश्किल समय में वह हमेशा अपने भाई के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर आधी रात को भी प्रतीक मदद मांगेंगे, तो वह जरूर पहुंचेंगे।
नाम बदलने के विवाद पर भी आर्य ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कभी प्रतीक बब्बर, कभी प्रतीक स्मिता, फिर सिर्फ “प्रतीक” और अब “प्रतीक स्मिता पाटिल” नाम रखने के पीछे शायद न्यूमरोलॉजी का मामला हो सकता है।
वहीं, ने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपनी मां की पहचान को पूरी तरह अपनाने के लिए नाम बदला। उन्होंने कहा,“मैं जिंदगी भर इस उलझन में रहा कि मैं किसकी पहचान अपनाऊं। अब मैंने मां का नाम पूरी तरह अपना लिया है। उन्होंने मेरे लिए अपनी जान दी थी, इसलिए मैं उनका पूरा नाम अपनाना चाहता हूं।”





