धनिया आप घर में भी उगा सकते हैं। इसके लिए आपको बाहर से कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में पड़े पुराने डिब्बे में साबुत धनिया के बीज डालकर आसानी से ताजा हरा धनिया उगाया जा सकता है। बस आपको इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियां और गलतियों के बारे में पता होना चाहिए। अगर आप किचन गार्डनिंग के शौकीन हैं तो यहां बताए कुछ स्टेप्स को फॉलो करके आप लगभग 15 दिन में धनिया घर में उगा पाएंगे।

धनिया उगाने के लिए लें इस तरह की मिट्टी
अगर आप घर में धनिया उगाने का सोच रहे हैं तो आपके पास कोई पुराना प्लास्टिक का कंटेनर या डिब्बा है तो उसमें नीचे थोड़े से छेद जरूर कर लें। मिट्टी का गमला ले रहे हैं तो भी जल निकासी की व्यवस्था हो ऐसा गमला चुनें। धनिया उगाने के लिए सूखी मिट्टी लें। इसमें आप बहुत थोड़ी सी मात्रा में रेत भी मिला सकते हैं। इसके अलावा कोकोपीट भी मिला सकते हैं।
बीच को दो टुकड़ों में तोड़कर डालें
साबुत धनिया को सीधे मिट्टी में न बोएं। ऐसा करने से पौधे की ग्रोथ पर असर पड़ता है। धनिया के बीज लें और इन्हें धूप में सुखाकर थोड़ा दरदरा पीस लें। इन्हें इस तरह तैयार करना है कि यह दो टुकड़ों में बंट जाए। बीज ज्यादा पुराने नहीं नहीं होने चाहिए। बेहतर रिज़ल्ट के लिए धनिया को हल्का सा मसलकर दो टुकड़ों में तोड़ लें, इससे अंकुरण जल्दी होता है
पानी में भिगोएं
धनिया के बीजों को दो टुकड़ों में बांटने के बाद इसे आप रातभर पानी में भिगोकर रख दें। बीजों को करीब आपको 8 से 10 घंटे के लिए पानी में भिगोना है। ऐसा करने से बीज नरम हो जाते हैं और जमीन में डालते ही अंकुरण जल्दी होने लगता है। यह स्टेप धनिया को 15 दिन में तैयार करने में सबसे अहम है।
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मिट्टी में इस तरह बोएं बीज
मिट्टी में धनिया के बीज बोने के लिए सबसे पहले मिट्टी के ऊपरी हिस्सों में धनिया के बीजों को डालें। इसके बाद ऊपर से कोकोपीट या रेत की पतली सी परत बिछा दें। सुबह शाम हल्के पानी के छींटे लगा दें। सुबह-शाम थोड़ा-थोड़ा पानी डालें। ऐसा करने से एक हफ्ते से कम समय में ही धनिया अंकुरित होने लगेगा। जिससे जल्दी ही धनिया के पौधे तैयार हो जाएंगे।
इन बातों का रखें ध्यान
धनिया को हर दिन लगभग 4-5 घंटे धूप की आवश्यकता होती है इसलिए आप अपने गमले या ग्रो बैग को उस स्थान पर रखें जहाँ पर पर्याप्त मात्रा में धूप आती हो।
आप जिस गमले या ग्रो बैग में धनिया को लगा रहने हो उसमें नीचे की तरफ छेद होना चाहिए जिससे ओवरवाटरिंग होने पर पानी छेद से बाहर निकल जाए।
Disclaimer: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए एक्सपर्ट से जरूर परामर्श करें।





