Noida six-lane elevated road: उत्तर प्रदेश के नोएडा में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है. शहर की सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने और वाहनों के दबाव को कम करने के लिए नोएडा अथॉरिटी एक महत्वाकांक्षी एलिवेटेड रोड परियोजना पर काम कर रहा है. इस परियोजना के तहत डीएनडी फ्लाईवे और रजनीगंधा अंडरपास से लेकर सेक्टर-60 तक छह लेन का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा. करीब 5.43 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

अफसरों के अनुसार, यह एलिवेटेड रोड नोएडा की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली और नोएडा के बीच यात्रा को भी अधिक सुगम बनाएगा. वर्तमान में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर कार्यालय समय के दौरान भारी ट्रैफिक दबाव रहता है, जिससे लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ता है. नई परियोजना के पूरा होने के बाद इस समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है.
जाम से मिलेगी राहत
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 टी-पॉइंट और सेक्टर-57 होते हुए सेक्टर-60 तक पहुंचेगा. इसके बाद इसे एमपी-2 रोड से जोड़ने की भी योजना बनाई गई है. इस मार्ग के शुरू होने से नोएडा के आवासीय क्षेत्रों, औद्योगिक सेक्टरों और आईटी हब तक पहुंच आसान हो जाएगी. खासकर आईटी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को रोजाना होने वाली ट्रैफिक परेशानी से राहत मिलेगी.
नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में कमी के रूप में देखने को मिलेगा. वर्तमान में इस रूट पर सफर करने में लगभग 30 मिनट तक का समय लग जाता है, लेकिन एलिवेटेड रोड बनने के बाद यही दूरी महज 10 मिनट में तय की जा सकेगी. इससे ईंधन की बचत होगी और लोगों का समय भी बचेगा.
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आईआईटी रुड़की बनाएगी DPR
परियोजना की तकनीकी रूपरेखा तैयार करने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को सौंपी जाएगी. संस्थान रोड के डिजाइन, निर्माण की व्यवहार्यता, यातायात प्रबंधन और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगा. डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
नोएडा अथॉरिटी के अफसरों का मानना है कि यह परियोजना शहर के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है. आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए यह एलिवेटेड रोड ट्रैफिक प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और नोएडा को एक बेहतर और आधुनिक परिवहन नेटवर्क उपलब्ध कराने में मदद करेगा.












