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नोएडा के चाइल्ड PGI की इमरजेंसी में कैसी व्यवस्था? बीमार बच्चे के लिए पिता को खुद सिरिंज में भरनी पड़ी दवा​

नोएडा के सेक्टर30 स्थित चाइल्ड पीजीआई की इमरजेंसी में डॉक्टर और स्टाफ की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पिता अपने बीमार शिशु के लिए खुद सिरिंज में दवा भरते दिखाई दे रहा है. घटना के बाद अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को मिलने […]

नोएडा के सेक्टर30 स्थित चाइल्ड पीजीआई की इमरजेंसी में डॉक्टर और स्टाफ की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पिता अपने बीमार शिशु के लिए खुद सिरिंज में दवा भरते दिखाई दे रहा है. घटना के बाद अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

जानकारी के मुताबिक, छपरौला गांव निवासी एक युवक अपने बीमार बच्चे का इलाज कराने चाइल्ड पीजीआई पहुंचा था. वहां इमरजेंसी वार्ड में व्यवस्था देखकर वह हैरान रह गया. वायरल वीडियो में पिता सिरिंज में दवा भरते नजर आता है. हालांकि, वीडियो से यह स्पष्ट नहीं होता कि दवा की सही खुराक क्या थी, पिता ने बच्चे को दवा दी थी या नहीं और उस समय अस्पताल में डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ कहां थे.

फॉल सीलिंग से टपक रहा पानी, बेड हुए गीले

इससे पहले भी नोएडा के चाइल्ड पीजीआई के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. कभी फॉल सीलिंग से पानी टपकता मिला, तो कभी पूरी फॉल सीलिंग ही मरीजों पर गिर गई. इस तरह के लगातार वीडियो चाइल्ड पीजीआई से निकलकर सामने आते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वहां मौजूद अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का दावा किया. अब एक नए वायरल वीडियो ने फिर से चाइल्ड पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

वायरल वीडियो के बाद जांच की बात आई सामने

वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. पीजीआई की कार्यवाहक निदेशक डॉ. जोशना मदान ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं और संबंधित स्टाफ की ओर से कोई लापरवाही हुई या नहीं.

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इमरजेंसी सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. बीमार बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले परिजन पहले ही तनाव में होते हैं. ऐसे में उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता और स्पष्ट मार्गदर्शन मिलना जरूरी है. यदि किसी मरीज के परिजन को खुद दवा तैयार करने जैसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

वायरल हो रहा वीडियो

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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