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नीब करोरी बाबा की विरासत को दुनिया तक पहुंचाएगी योगी सरकार, 5 टूर पैकेज तैयार​

संत नीब करोरी बाबा के महासमाधि दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देशदुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पर्यटन विभाग बाबा के जीवन, साधना, जन्मस्थली और समाधि से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर नीब करोरी बाबा सर्किट विकसित कर रहा है. इसके साथ […]

संत नीब करोरी बाबा के महासमाधि दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देशदुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पर्यटन विभाग बाबा के जीवन, साधना, जन्मस्थली और समाधि से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर नीब करोरी बाबा सर्किट विकसित कर रहा है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बाबा के नाम से पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं.

सरकार का फोकस सिर्फ धार्मिक स्थलों को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन जगहों पर ठहरने, खाने, घूमने और बाबा के जीवन से जुड़ी जानकारी हासिल करने की आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. इसके लिए फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में करीब 12.93 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

जन्मस्थली अकबरपुर से समाधि स्थल वृंदावन तक जुड़ेगा सर्किट

नीब करोरी बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक व्यवस्थित पर्यटन मार्ग से जोड़ने की तैयारी है. इस सर्किट में फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी आश्रम धाम मंदिर, लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर और वृंदावन का समाधि मंदिर शामिल होंगे. वृंदावन वही स्थान है जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी. वहीं फर्रुखाबाद स्थित आश्रम को बाबा की साधना से जोड़कर देखा जाता है. उन्होंने यहां भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष साधना की थी.

अकबरपुर में 8.65 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के तौर पर विकसित किया जा रहा है. परियोजना के पहले चरण में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. दूसरे चरण की करीब 2.22 करोड़ रुपये की परियोजना का 60 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी.

नीब करौरी धाम

सभागार से लेकर डॉरमेट्री तक, क्याक्या बनेगा?

अकबरपुर में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का पूरा पैकेज तैयार किया जा रहा है. यहां बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक, बाबा के जीवन पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल, डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई और शौचालय, करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. फेज2 में गार्ड रूम, सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं और पत्थर के रास्ते भी बनाए जा रहे हैं. वहीं ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वॉल और पर्यटकों के लिए दूसरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

फर्रुखाबाद आश्रम का भी हुआ विकास

बाबा नीब करोरी से जुड़े फर्रुखाबाद के आश्रम को भी पर्यटन सुविधाओं से लैस किया गया है. यहां 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है. आश्रम परिसर में यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की गई हैं.यानी सरकार का मकसद बाबा से जुड़े इन स्थलों को सिर्फ स्थानीय धार्मिक केंद्र के तौर पर नहीं, बल्कि देशविदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है.

बहुद्देशीय सभागार बनाया गया

पांच खास टूर पैकेज, दिल्ली और लखनऊ से संचालन

महासमाधि दिवस के मौके पर यूपीएसटीडीसी ने बाबा नीब करोरी के नाम से पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं. इनमें 5 दिन, 3 दिन और 2 दिन की यात्राओं के विकल्प शामिल हैं. पर्यटकों की मांग को देखते हुए इन पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा. इसका सबसे बड़ा फायदा उन श्रद्धालुओं को होगा जो बाबा से जुड़े अलगअलग स्थानों पर जाना तो चाहते हैं, लेकिन उन्हें यात्रा, ठहरने और अलगअलग स्थानों की जानकारी जुटाने में परेशानी होती है.

क्यों खास है नीब करोरी बाबा सर्किट?

नीब करोरी बाबा की लोकप्रियता सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है. देश के अलगअलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी उनके अनुयायी हैं. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि बाबा से जुड़े स्थलों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित कर श्रद्धालुओं को उनकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर दिया जाए. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, बाबा का संदेश आस्था, सादगी और सेवा से जुड़ा रहा है. सरकार उनकी विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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