तनिष्क वड्डी।
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‘जब तक सूरज चांद रहेगा, धोनी सर का नाम रहेगा’। भारत और चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह बाl पिछले 20 साल से राम बाबू कह रहे हैं। 44 साल के धोनी इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) में एक भी मैच नहीं खेले। अन्य लोगों की तरह राम बाबू को भी नहीं पता कि धोनी आगे खेलेंगे या नहीं। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में राम बाबू ने कहा कि अगर धोनी ने संन्यास लिया तो वह भी आईपीएल देखना छोड़ देंगे। यह उन्होंने खुद से वादा किया है।
मोहाली के रहने वाले राम बाबू ने हाथ में 6 मीटर लंबा तिरंगा लिए को पिछले दो दशक में लगातार फॉलो किया है। धोनी के संन्यास को लेकर उन्होंने कहा,’बहुत साल से तपस्या है हमारा। बहुत दुख होगा।’ राम बाबू कोई नौकरी नहीं करते। उनके लिए टिकट की व्यवस्था महेंद्र सिंह धोनी करते हैं। धोनी एक बार उनकी जान भी बचा चुके हैं। अगर धोनी ने राम बाबू को सही समय पर इलाज के लिए नहीं भेजा होता तो कुछ भी हो सकता है।
पहली बार धर्मशाला में धोनी से मिले थे राम बाबू
राम बाबू ने 2004 में पहली बार धोनी को देखा था। धर्मशाला में एक ठंडी रात के 11:37 बज रहे थे जब राम बाबू पहली बार अपने ‘भगवान’धोनी से मिले। इसके लिए वह सात साल से एक स्टेडियम से दूसरे स्टेडियम जाते रहे। राम बाबू ने याद करते हुए कहा, ‘मैंने उनके पैर छुए, उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे गले लगाया। मैं उस रात बिल्कुल नहीं सोया। मेरा मन बार-बार धोनी सर से मिलने का कर रहा था।’ उस रात के बाद से धोनी ने उनके लिए मैच टिकट का इंतजाम करना शुरू कर दिया।
11 महीने घर से दूर रहते हैं राम बाबू
राम बाबू पिछले दो दशक से सबकुछ पीछे छोड़ मैच देखने स्टेडियम जाते हैं। वह 11 महीने घर से दूर बिताते हैं। नौकरी नहीं करते क्योंकि मैच छोड़ने पड़ेंगे। उन्होंने बताया, ‘कभी-कभी मैं अपने रिश्तेदारों की मौत होने पर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाता। मैं बेरोजगार हूं। मैं अब नौकरी नहीं कर सकता। अगर मैं नौकरी करूंगा तो मैं मैच नहीं देख पाऊंगा। मुझे बहुत सी चीजें छोड़नी पड़ती हैं। उनकी मां हमेशा पूछती रहती थीं,’बेटा, यह कैसा काम है? यह कोई काम नहीं है। तुम झंडा लेकर घूमते रहते हो।’वह घूमते रहे। उन्होंने कहा, ‘मुझे इस पर बहुत गर्व है। पूरा भारत मुझे महेंद्र सिंह धोनी के नाम से जानता है।’
बिना टिकट के ही ट्रेन में किया सफर
राम बाबू कहते हैं कि कोई भी मैच देख लिजिए दो लोग जरूर दिखेंगे। वह और सुधीर कुमार चौधरी, जो सचिन तेंदुलकर के फैन है। दोस्तों ने कुछ समय तक मदद की, लेकिन एक समय के बाद राम बाबू ने मदद लेनी बंद कर दी। घर की माली हालत भी अच्छी नहीं थी। वह बिना टिकट के ही ट्रेन में चढ़ जाते था। उन्होंने कहा, ‘मुझे कई बार टीटीई ने पकड़ा था। मैं उन्हें अपनी हालत बताता था। अगर आप मुझे जेल में डालना चाहते हैं, तो डाल दो।’ ज्यादात लोग उसे सफर करने देते थे। वह कहते, ‘अगर कोई ईमानदारी से और दिल से कुछ कहता है तो दूसरे भी मान लेते हैं।’
बांग्लादेश में बीमार पड़ गए राम बाबू
बांग्लादेश में 2014 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान राम बाबू बीमार पड़ गए। बुखार और प्लेटलेट कम होने पर भी वह मैच देखने जाते रहे। वह स्टैंड में कई बार गिरे। टीम के फिजियो, नितिन पटेल ने दवाएं दीं। यह काफी नहीं थीं। धोनी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले राम बाबू को प्रैक्टिस के लिए बुलाया, रिपोर्ट देखीं और कहा, ‘तुम्हारी हालत बहुत खराब है।’
धोनी ने राम बाबू को बचाया
राम बाबू जाना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि वह झंडा संभाल लेंगे। धोनी ने उन्हें समझाया, ‘तुममें खड़े होने की ताकत नहीं है। तो तुम मैच कैसे देखोगे? तुम छह मीटर का झंडा कैसे लहराओगे?’ राम बाबू ने कहा कि वह संभाल लेंगे। फिर धोनी ने उनसे अपना पासपोर्ट दिखाने को कहा। राम बाबू ने उन्हें दे दिया। धोनी ने उसे अपनी जेब में रख लिया और राम बाबू को जाने को कहा।
धोनी सर को धन्यवाद कहना
सुबह चार बजे फोन बजा। राम बाबू से कहा गया, ‘अपना पासपोर्ट लो और जाओ। तुम्हारी फ्लाइट बुक हो गई है। सुबह 8 बजे, जेट एयरवेज ढाका से सीधे चंडीगढ़।’ राम बाबू सेमीफाइनल की सुबह निकल गए। चंडीगढ़ में एक डॉक्टर ने उनसे कहा,’धोनी सर को धन्यवाद कहना। एक-दो दिन और तुम्हारी हालत बहुत खराब हो जाती।’ राम बाबू भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा,’दूसरी जिंदगी धोनी सर की वजह से मिली है।’
भारतीय टीम को जीवन समर्पित
राम बाबू अब 40 साल के हैं। उन्होंने कहा, ‘पता ही नहीं चले कहां चले गए सारे साल।’ उनके दोस्त अब भी पूछते हैं कि वह कैसे मैनेज करते हैं, कैसे चलते रहते हैं। उनके अलग-अलग शहरों में भी दोस्त हैं जो अब भी उन्हें पूरे भारत में घूमने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा, ‘कई बार मैं सोचता रहता था कि मैं किसी खास जगह कैसे पहुंचूंगा, लेकिन आखिरकार मैं वहां पहुंच जाता हूं। एक जीवन किसको समर्पित करना।इंडियन टीम को देना … भगवान ने हिम्मत दी है हो जाएगा।’
धोनी के आईपीएल 2027 में खेलने पर बोले चेन्नई के कोच
महेंद्र सिंह धोनी पैर में चोट लगने के कारण आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेल पाए, लेकिन सिमंस ने कहा कि उन्होंने नेट पर अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। ।





