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देश के सबसे बड़े IPO की उलटी गिनती शुरू! NSE लाने जा रहा है 23 हजार करोड़ का मेगा इश्यू

जिस नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के जरिए आप रोज शेयरों की खरीद-बिक्री करते हैं, अब वह खुद शेयर बाजार में लिस्ट होने की पूरी तैयारी कर चुका है. निवेशकों को इस मेगा आईपीओ का काफी लंबे समय से इंतजार था और अब सेबी से हरी झंडी मिलने के संकेत के बाद एक्सचेंज ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. सूत्रों की मानें तो जून के आखिर तक इसका ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल हो जाएगा और इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी दिसंबर तक इसके शेयर, बाजार में ट्रेड करते हुए नजर आएंगे.

देश के सबसे बड़े IPO की उलटी गिनती शुरू! NSE लाने जा रहा है 23 हजार करोड़ का मेगा इश्यू
देश के सबसे बड़े IPO की उलटी गिनती शुरू! NSE लाने जा रहा है 23 हजार करोड़ का मेगा इश्यू

क्या टूटेगा हुंडई और एलआईसी का रिकॉर्ड?

रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सचेंज इस आईपीओ के जरिए अपनी 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकता है. इस दांव से करीब 23,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान है. हालांकि, बाजार की स्थिति और फाइनल वैल्यूएशन के आधार पर यह कुल रकम बदल भी सकती है. आपको याद होगा कि अभी तक देश में सबसे बड़ा आईपीओ लाने का ताज हुंडई (अक्टूबर 2024 में 2,858 करोड़ रुपये) और देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी (2022 की शुरुआत में 20,000 करोड़ रुपये) के नाम है. अब एनएसई इन दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित करने की राह पर है.

8 साल का लंबा इंतजार, 2016 से अटकी थी फाइल

इस आईपीओ की कहानी आज की नहीं है. एनएसई ने सबसे पहले साल 2016 में बाजार से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपना ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था. लेकिन उस समय को-लोकेशन विवाद सामने आ गया और मार्केट रेगुलेटर सेबी की सख्त आपत्तियों के बाद इस पूरी योजना पर ब्रेक लग गया. तब से लेकर अब तक एक्सचेंज प्रबंधन ने आईपीओ की मंजूरी के लिए कई बार सेबी का दरवाजा खटखटाया है. अब जाकर उस लंबे संघर्ष का फल मिलता दिख रहा है. एक्सचेंज ने इस मेगा लॉन्चिंग के लिए 20 नामी मर्चेंट बैंकर्स और कई लॉ फर्म्स की फौज भी तैयार कर ली है, जिनमें कई दिग्गज देशी और विदेशी संस्थाएं शामिल हैं.

एसबीआई भी बेचेगा हिस्सेदारी

एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने हाल ही में यह स्पष्ट किया है कि बैंक, एनएसई आईपीओ में अपनी कुछ हिस्सेदारी भुनाने पर विचार कर रहा है. मौजूदा समय में एसबीआई और उसकी सब्सिडियरी कंपनी एसबीआई कैप्स की एनएसई में हिस्सेदारी की कुल वैल्यू लगभग 43,500 करोड़ रुपये आंकी गई है. ऐसे में जब यह इश्यू खुलेगा, तो बड़े संस्थानों के साथ-साथ रिटेल निवेशकों का पैसा भी बड़े पैमाने पर बाजार में आएगा. फिलहाल, बाजार के हर प्रतिभागी की नजरें जून में दाखिल होने वाले प्रारंभिक दस्तावेजों पर टिकी हैं, जिससे इस मेगा ऑफर की तस्वीर और इसके वैल्यूएशन से जुड़े सभी आंकड़े पूरी तरह साफ हो सकेंगे.

Khabar Monkey

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