योगी कैबिनेट का कल विस्तार हो सकता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे हैं. इसके बाद कल मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. बताया जा रहा है कि करीब आधा दर्जन नए मंत्रियों के नाम फाइनल हो चुके हैं. अब औपचारिक घोषणा का इंतजार है. अभी मौजूदा मंत्रिमंडल में 6 जगह खाली हैं, जिनके नाम संभावित सूची में हैं, उन विधायकों को लखनऊ पहुंचने के लिए कहा गया है. 4 विधायक लखनऊ पहुंच चुके हैं. इसमें कृष्णा पासवान, मनोज पांडेय, रोमी साहनी लखनऊ में मौजूद हैं.

सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग में फेरबदल भी होगा. इसके साथ ही कुछ मंत्रियों को संगठन में भी भेजा जा सकता है. राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में होने वाले इस विस्तार में सियासी समीकरण भी सधते दिखेंगे.
इन नामों की चर्चा तेज
चर्चा है कि इस कैबिनेट विस्तार में मनोज पांडेय के साथ ही भूपेंद्र चौधरी और पूजा पाल को भी जगह मिल सकती है. हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई अधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. ये महज अटकलें हैं. सरकार इस कैबिनेट विस्तार से संगठन और सामाजिक समीकरण साध सकती है. ऐसे में ये कैबिनेट विस्तार 2027 के लिए एक सियासी संदेश भी होगा.
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संक्षिप्त लेकिन टॉरगेटेड होगा कैबिनेट विस्तार
सूत्रों का कहना है कि सरकार में भूपेंद्र चौधरी की वापसी लगभग तय मानी जा रही है. कैबिनेट विस्तार संक्षिप्त लेकिन टॉरगेटेड होगा. हालांकि, शीर्ष स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल होने की उम्मीद नहीं है. कुलमिलाकर इस फेरबदल का मेन मकसद क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को बेहतर करना है.
कैबिनेट विस्तार में इन वर्गों का रहेगा खास ख्याल!
बताया जा रहा है किकैबिनेट विस्तार और खाली पदों को भरने में अगड़ी जाति, गैर-यादव ओबीसी, अति-पिछड़ा और गैर-जाटव वोट बैंक का खास ध्यान रखा जाएगा. इस फेरबदल के जरिए इन वर्गों को एक साथ साधने की कोशिश की जाएगी, जोकि 2024 से पहले वाले मजबूत वोट बैंक को फिर से जोड़ने की कवायद होगी. कुलमिलाकर योगी कैबिनेट के विस्तार में आगामी विधानसभा चुनाव का पूरा ध्यान रखा जाएगा.





