रविवार, 27 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
Emraan Hashmi की सुपरहिट फिल्म Awarapan 2 आई OTT पर, इस दिन होगी स्ट्रीम​ | फिल्म से पहले 17 मिनट विज्ञापन दिखाना PVR को पड़ा भारी! कंज्यूमर कोर्ट ने ठोका ₹75,000 का जुर्माना​ | Ramayana के पोस्टर रिलीज: राम बने Ranbir Kapoor, लंका में गुस्से में दिखे Yash​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

दिवाली की शॉपिंग से पहले महंगाई का झटका! 1 अक्टूबर से AC-TV-वॉशिंग मशीन खरीदना होगा महंगा, जानिए क्यों बढ़ रहे हैं रेट​

दिवाली की शॉपिंग से पहले आम लोगों को महंगाई का झटका लगने वाला है. इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंस बनाने वाली कंपनियां 1 अक्टूबर से एयर कंडीशनर, LED TV, वॉशिंग मशीन और दूसरे प्रोडक्ट्स की कीमतें 58 फीसदी तक बढ़ाने जा रही हैं. इसकी वजह कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम और […]

दिवाली की शॉपिंग से पहले आम लोगों को महंगाई का झटका लगने वाला है. इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और अप्लायंस बनाने वाली कंपनियां 1 अक्टूबर से एयर कंडीशनर, LED TV, वॉशिंग मशीन और दूसरे प्रोडक्ट्स की कीमतें 58 फीसदी तक बढ़ाने जा रही हैं. इसकी वजह कॉपर, स्टील, एल्युमीनियम और कच्चे तेल से बनने वाले प्रोडक्ट्स की बढ़ती लागत, करेंसी में उतारचढ़ाव और ट्रांसपोर्टेशन का बढ़ता खर्च है, जिससे कंपनियों का मार्जिन कम हो रहा है. यह बढ़ोतरी त्योहारों के दौरान खरीदारी के सबसे व्यस्त समय से ठीक पहले हो रही है और यह 2026 में इंडस्ट्री की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का तीसरा दौर होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, एयर कंडीशनर की कीमतों में 58% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जबकि कुछ मैन्युफैक्चरर्स वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और LED TV की कीमतें भी 34% तक बढ़ा रहे हैं. वहीं, कुछ कंपनियां अंतिम फैसला लेने से पहले इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी के असर का आकलन कर रही हैं. ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स जैसी कंपनियों ने पहले ही अलगअलग कैटेगरी में कीमतें 410% तक बढ़ाने की घोषणा या पुष्टि कर दी है. वहीं, पैनासोनिक कीमतों में बढ़ोतरी पर फैसला लेने से पहले बाजार की स्थितियों का आकलन कर रही है. सूत्रों के अनुसार, LG और बॉश होम कम्फर्ट ने भी AC की कीमतें लगभग 5% तक बढ़ा दी हैं.

इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

ब्लू स्टार के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. त्यागराजन ने कहा कि कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण AC और डीप फ्रीजर की कीमतें पहले ही 58 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं. उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण सभी कमोडिटी की कीमतें बढ़ रही हैं. कॉपर, स्टील और प्लास्टिक सभी महंगे हो गए हैं. उन्होंने कहा कि यह इस साल कंपनी की ओर से कीमतों में की गई तीसरी बढ़ोतरी है.

त्यागराजन ने कहा कि पिछले साल के त्योहारी सीजन की तुलना में कॉस्ट में लगभग 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अब कस्टमर्स को लगभग 10 फीसदी का GST लाभ मिल रहा है, इसलिए खरीदारों के लिए कीमतों में कुल बढ़ोतरी लगभग 5 फीसदी ही होगी.

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज बिजनेस के बिजनेस हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कमल नंदी ने कहा कि पिछली बार कीमतें बदलने के बाद से कच्चे माल की कीमतों में 810 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद पूरी इंडस्ट्री में कीमतों में एक और बढ़ोतरी “अनिवार्य” हो गई है. उन्होंने कहा कि सभी कैटेगरी में कीमतें 57% तक बढ़ेंगी. अलगअलग ब्रांड के लिए समय अलगअलग हो सकता है. कुछ इसे अक्टूबर से लागू कर सकते हैं तो कुछ नवंबर से, लेकिन ऐसा होना तय है.

नंदी ने कहा कि त्योहारों के मौसम में ग्राहकों को पुराने दाम पर ही प्रोडक्ट मिल सकते हैं, क्योंकि डीलरों और डिस्ट्रीब्यूटरों ने कीमतें बढ़ने से पहले ही स्टॉक जमा कर लिया था. उन्होंने आगे कहा, “अभी जो स्टॉक पाइपलाइन में है, वह लगभग एक से डेढ़ महीने तक चलेगा. दिवाली का समय तो काफी हद तक पुराने दाम वाले स्टॉक से ही निकल जाएगा. दिवाली के बाद नई कीमतें निश्चित रूप से लागू हो जाएंगी.”

हायर कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही है

हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश ने कहा कि कंपनी 1 अक्टूबर से रूम एयरकंडीशनर की कीमतें लगभग 5% बढ़ाने की योजना बना रही है. उन्होंने PTI को बताया कि अगर इनपुट कॉस्ठ ज्यादा बनी रहती है, तो दिवाली के बाद और फिर जनवरी में भी कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं.

उन्होंने कहा कि अगर हम कीमतें नहीं बढ़ाते हैं, तो हमें नुकसान होगा. अगर हम कीमतें बढ़ाते हैं, तो बिक्री पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है. हायर LED टीवी, वॉशिंग मशीन और दूसरी कैटेगरी के प्रोडक्ट्स की कीमतें भी 23% बढ़ाने की योजना बना रही है.

सतीश ने कहा कि पिछले साल तांबे की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ गई है, खासकर एयरकंडीशनर के मामले में, जिनमें तांबा एक अहम हिस्सा होता है.

उन्होंने बताया कि तांबे की कीमत, जो पिछले साल 8,0009,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन थी, अब 14,500 डॉलर तक पहुंच गई है. एक एयरकंडीशनर में लगभग 34 किलो तांबे की जरूरत होती है. हायर को उम्मीद है कि वह अभी से लेकर जनवरी के बीच कुल मिलाकर 15 फीसदी की बढ़ोतरी करेगी — 1 अक्टूबर से 5 फीसदी, दिसंबर के आसपास फिर 5 फीसदी और जनवरी में एक और 5 फीसदी की बढ़ोतरी.

डाइकिन और टीवी बनाने वाली कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाईं

डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कंवलजीत जावा ने कहा कि कंपनी ने पहले ही 16 सितंबर से कीमतें 810% बढ़ा दी हैं. उन्होंने कहा कि तांबे की कीमतें लगभग 2535% बढ़ गई हैं. डॉलर मजबूत हो रहा है और कमोडिटी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. कंपनियों पर भारी दबाव है. जावा ने कहा कि अभी ग्राहकों की मांग मजबूत बनी हुई है, हालांकि लागत का दबाव लंबे समय तक रहने पर बाज़ार पर असर पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन हर कोई अभी बाजार की सच्चाई से वाकिफ है. अगर हालात नहीं सुधरे, तो लंबे समय में चीजों पर असर पड़ सकता है. सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड , जो भारत में थॉमसन, कोडक और ब्लाउपुंक्ट जैसे टीवी ब्रांड बनाती और बेचती है, अक्टूबर के बाद टीवी की कीमतें लगभग 7% बढ़ाने की योजना बना रही है. इसके दूसरे अप्लायंसेज की कीमतें पहले ही 45% बढ़ चुकी हैं.

SPPL के डायरेक्टर अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि ज्यादा कीमतों का असर त्योहारों के समय होने वाली मांग पर पड़ सकता है, खासकर इसलिए क्योंकि ग्राहक इस मौसम में आमतौर पर डिस्काउंट और प्रमोशनल ऑफर की उम्मीद करते हैं. उन्होंने कहा कि ग्लोबल अस्थिरता और बढ़ती लागत का निश्चित रूप से ग्राहकों की सोच पर कुछ असर पड़ेगा.

पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के प्रोडक्ट मार्केटिंग और प्लानिंग के हेड अभिषेक वर्मा ने कहा कि कंपनी किसी भी तरह की बढ़ोतरी का फैसला करने से पहले बाजार के हालात पर नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री लगातार लागत के भारी दबाव का सामना कर रही है और हम स्थिति का ध्यानपूर्वक आकलन कर रहे हैं.

वीडियोटेक्स के डायरेक्टर अर्जुन बजाज ने कहा कि माल ढुलाई की ज्यादा कॉस्ट और सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण दिवाली के बाद कीमतों का एक नया बेंचमार्क तय हो सकता है. उन्होंने कहा कि छोटी स्क्रीन वाले टेलीविजन की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि बड़ी स्क्रीन वाले टेलीविज़न की कीमतों में स्क्रीन साइज के आधार पर 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

त्योहारी मांग के लिए एक परीक्षा

कीमतों में बढ़ोतरी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए एक अहम समय पर हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, ओणम से लेकर दशहरा और दिवाली तक के त्योहारी समय में अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों की सालाना बिक्री का 3040% हिस्सा होता है.

कीमतें बढ़ने से मांग पर कितना असर पड़ेगा, इस बारे में मैन्युफैक्चरर्स की राय बंटी हुई है. कुछ लोगों का मानना ​​है कि असर कम होगा क्योंकि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अगस्त और सितंबर में प्रीबाइंग स्कीम के जरिए पहले ही पुरानी कीमतों पर स्टॉक जमा कर लिया है. वहीं, दूसरों को उम्मीद है कि कीमतें बढ़ने से ग्राहक ज्यादा सतर्क हो जाएंगे.

InMobi Advertising का एक सर्वे 2026 में त्योहारी खर्च को लेकर मिलीजुली तस्वीर दिखाता है. इसकी सालाना रिपोर्ट में पाया गया कि 77 फीसदी भारतीय कस्टमर अपना त्योहारी शॉपिंग बजट बढ़ाने की योजना बना रहे थे, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 83 फीसदी था. साथ ही, 50,000 रुपए से ज्यादा खर्च करने की योजना बनाने वाले ग्राहकों की हिस्सेदारी में 2 फीसदी अंकों की बढ़ोतरी हुई. इस सर्वे में 7 से 11 अगस्त, 2026 के बीच Android और iOS डिवाइस इस्तेमाल करने वाले 1,110 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया.

रिपोर्ट में कहा गया कि उन ग्राहकों की संख्या में 2 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है जो त्योहारी खर्च के सबसे ऊंचे ब्रैकेट यानी 50,000 रुपए से ज्यादा खर्च करने की बात कह रहे हैं. रिपोर्ट में पाया गया कि पांच में से तीन खरीदार 10,000 रुपए से ज्यादा खर्च करने की योजना बना रहे थे, जबकि लगभग 60 फीसदी लोगों को उम्मीद थी कि वे त्योहारों के एक महीने के भीतर खरीदारी करेंगे. लगभग 29 फीसदी लोगों ने त्योहार शुरू होने से ठीक एक हफ्ते या उससे कम समय पहले खरीदारी करने की योजना बनाई थी.

अलगअलग कस्टमर ग्रुप्स में खर्च करने के तरीके भी अलगअलग थे. InMobi ने बताया कि 22 फीसदी Android यूजर्स ने 25,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच खर्च करने की योजना बनाई थी, जबकि iOS यूजर्स में यह आंकड़ा 15 फीसदी था. 50,000 रुपए से ज्यादा खर्च करने वाले ब्रैकेट में दोनों समूहों की हिस्सेदारी बराबर थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्ट सर्च सर्चेज से लेकर वर्चुअल प्रोडक्ट ट्राईऑन तक, AIबेस्ड ब्रांड डिस्कवरी और फैसला लेने की प्रक्रिया तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसमें मिलेनियल्स, जेन Z की तुलना में त्योहारों के लुक और प्रोडक्ट्स के लिए AIबेस्ड सर्चेज को लेकर 10 फीसदी ज्यादा उत्साह दिखा रहे हैं.

त्योहारी खरीदारी का दायरा अब कपड़ों और जूतों जैसी पारंपरिक कैटेगरी से आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कपड़े और जूते अभी भी त्योहारों के दौरान सबसे ज्यादा खरीदे जाने वाले सामान बने हुए हैं, लेकिन ज्वेलरी और किराने/रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसी कैटेगरी में भी खरीदारी की मजबूत इच्छा देखी जा रही है.

कीमतें बढ़ने के बावजूद मांग बनी हुई है

हाल ही में कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब सीजन के पहले फेज में त्योहारों के दौरान ज़बरदस्त मांग देखी गई थी. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ओणम, रक्षाबंधन और गणेश चतुर्थी वाले शुरुआती त्योहारी दौर में भारत में ग्राहकों की मांग पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. होम अप्लायंसेज, ऑटोमोबाइल और अन्य कैटेगरी के मेकर्स ने कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बेहतर सेल्स की सूचना दी थी. मीडिया रिपोर्ट में मेकर्स के हवाले से कहा गया था कि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में, ओणम के दौरान पहले फेज में रेफ्रिजरेटर, एयरकंडीशनर और वॉशिंग मशीन की वॉल्यूम बिक्री में सालदरसाल 1215 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि वैल्यू बिक्री में 1823 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

LG इलेक्ट्रॉनिक्स के डायरेक्टर संजय चितकारा ने कहा कि कंपनी ने ओणम और गणेश चतुर्थी के दौरान जबरदस्त बिक्री देखी, खासकर बड़े स्क्रीन वाले टीवी, चार दरवाजों वाले रेफ्रिजरेटर, बड़ी वॉशिंग मशीन और AC की. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, टियरI, टियरII और टियरIII बाजारों में मांग मजबूत हुई, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, क्विककॉमर्स कंपनियों और फूड डिलीवरी सेवाओं ने त्योहारी दौर में बढ़ोतरी दर्ज की. गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के कमल नंदी ने कहा कि टियरI, II और III बाजारों में बाजार का माहौल बेहतर हुआ है, हालांकि मास सेगमेंट को महंगाई के कारण कुछ दबाव का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने मीडिया रिपोर्ट में कहा हालांकि मास सेगमेंट को महंगाई के रुझान के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट रिटेल चेन और ईकॉमर्स की गहरी पैठ के साथ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों के लिए सवाल यह है कि क्या त्योहारों के दौरान बिक्री की तेजी, कीमतों में एक और बढ़ोतरी का असर झेल पाएगी? हालांकि, मौजूदा स्टॉक की वजह से बढ़ी हुई कीमतों का पूरा असर दिवाली के बाद तक टल सकता है, लेकिन रॉ मटीरियल, ट्रांसपोर्ट और दूसरी लागतों में लगातार बढ़ोतरी से आने वाले त्योहारों के मौसम के बाद भी मैन्युफैक्चरर्स और ग्राहकों पर दबाव बना रह सकता है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY