थलपति विजय ने तमिलानाडु विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की है, उनकी पार्टी TVK राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जल्द ही थलापति विजय सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं.इस सबके बीच तमिलनाडु की राजनीति में TVK (तमिलगा वेत्री कषगम) के चुनावी वादे चर्चा का विषय बने हुए हैं. सामने आई जानकारी के अनुसार, पार्टी द्वारा किए गए वादों को लागू करने पर राज्य का कुल वेलफेयर खर्च करीब 99,057 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह मौजूदा स्तर से लगभग 52% ज्यादा है, जो राज्य की वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर डाल सकता है.

महिलाओं और किसानों पर सबसे ज्यादा फोकस
TVK के वादों में सबसे बड़ा हिस्सा महिलाओं और किसानों से जुड़ी योजनाओं का है. महिलाओं के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत हर महीने 2,500 रुपये देने का प्रस्ताव है, जिससे करीब 1.57 करोड़ महिलाएं लाभान्वित होंगी. इस योजना पर सालाना लगभग 47,100 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है, जो कुल खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा है. वहीं, किसानों के लिए 15,000 रुपये सालाना आय सहायता का वादा किया गया है. करीब 79.4 लाख किसानों को इससे फायदा होगा और इस पर 11,910 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.
मुफ्त LPG और शिक्षा योजनाएं भी महंगी
TVK ने 1.85 करोड़ घरों को हर साल 6 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया है. एक सिलेंडर की कीमत 900 रुपये मानें तो इस योजना पर लगभग 9,990 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. इसके अलावा, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए माता/अभिभावक को 15,000 रुपये सालाना देने की योजना है. इससे 56.25 लाख छात्रों के परिवारों को फायदा होगा और करीब 8,438 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
मजदूर, मछुआरे और युवाओं के लिए भी योजनाएं
फार्म लेबर (कृषि मजदूरों) के लिए 10,000 रुपये सालाना सहायता का प्रस्ताव है, जिससे 96 लाख मजदूरों को फायदा मिलेगा और इस पर 9,600 करोड़ रुपये खर्च होंगे. मछुआरों के परिवारों के लिए 27,000 रुपये सालाना सहायता का प्रावधान है, जिसमें 2.02 लाख परिवार शामिल होंगे. इस योजना पर 545 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
युवाओं के लिए इंटर्नशिप स्टाइपेंड योजना के तहत हर साल 5 लाख युवाओं को लाभ मिलेगा. ग्रेजुएट्स को 10,000 रुपये और ITI/डिप्लोमा धारकों को 8,000 रुपये प्रति माह देने का प्रस्ताव है, जिससे करीब 5,400 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.
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स्वास्थ्य और बेरोजगारी पर भी ध्यान
TVK ने स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप योजना में प्रीमियम को दोगुना करने का वादा किया है, जिससे 1.5 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा. इस पर 1,274 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा. बेरोजगारों के लिए 4,000 रुपये मासिक भत्ता देने की योजना भी शामिल है, जिससे 10 लाख लोगों को फायदा होगा और इस पर 4,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
राज्य की आय पर बढ़ेगा दबाव
तमिलनाडु के 2025-26 बजट के अनुसार, राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 3,31,569 करोड़ रुपये हैं. TVK के प्रस्तावित वेलफेयर खर्च का हिस्सा इस आय का करीब 29.8% होगा. तुलना करें तो मौजूदा DMK सरकार का वेलफेयर और सब्सिडी खर्च करीब 65,167 करोड़ रुपये है, जो राजस्व का 19.7% है। इससे साफ है कि TVK के वादे लागू होने पर खर्च में बड़ा इजाफा होगा.
विशेषज्ञों की नजर में चुनौती
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च करना राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. अगर राजस्व में समान अनुपात में वृद्धि नहीं होती, तो वित्तीय घाटा बढ़ सकता है. TVK के चुनावी वादे आम लोगों, खासकर महिलाओं, किसानों और युवाओं को राहत देने पर केंद्रित हैं. लेकिन इन योजनाओं को लागू करने के लिए भारी वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो इन वादों को कैसे संतुलित तरीके से लागू किया जाएगा.





