बुधवार, 16 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
15 अक्टूबर से UPI पर 0.4% MDR: आपकी जेब ढीली होगी या दुकानदार की? जानिए सभी जरूरी सवालों के जवाब​ | UPI New Rule : PhonePe, Paytm, GPay… UPI से पेमेंट करने पर किसे देना होगा MDR चार्ज? समझें पूरा नियम​ | Google Pay या PhonePe से करते हैं SIP का पेमेंट? 15 अक्टूबर से लागू हो रहा है नया नियम, इतना होगा जेब पर असर​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए जरूरी खबर: 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा 0.4% चार्ज,जानिए आप पर क्या होगा असर|​

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई ट्रांजैक्शन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब 2,000 रुपये से ज्यादा के पर्सनटूमर्चेंट पेमेंट पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी चार्ज लगाया जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस नए नियम का सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह चार्ज […]

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई ट्रांजैक्शन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब 2,000 रुपये से ज्यादा के पर्सनटूमर्चेंट पेमेंट पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी चार्ज लगाया जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस नए नियम का सीधा बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह चार्ज दुकानदारों और व्यापारियों से लिया जाएगा। यह नया नियम आगामी 15 अक्टूबर से लागू कर दिया जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत कुछ विशेष श्रेणियों के लिए नियम थोड़े अलग रखे गए हैं। एनपीसीआई के मुताबिक, रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी खास मर्चेंट कैटेगरी में 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर प्रति ट्रांजैक्शन 5 रुपये का फिक्स्ड MDR लागू होगा। इसके अलावा, 75,000 रुपये और उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए MDR की सीमा प्रति ट्रांजैक्शन 300 रुपये तय की गई है।

हालांकि, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को इस नए नियम से पूरी तरह राहत दी गई है। एनपीसीआई ने स्पष्ट किया है कि जो वेंडर ‘पर्सनटूपर्सन मर्चेंट’ कैटेगरी में आते हैं—यानी जिन्हें यूपीआई के जरिए अपने अकाउंट में हर महीने 1 लाख रुपये से कम की राशि मिलती है, जैसे कि हमारे आसपास के छोटे दुकानदार, स्ट्रीट वेंडर और लोकल बिजनेस—वे ‘अनिवार्य जीरो MDR’ का पूरा फायदा उठाते रहेंगे। यानी छोटे कारोबारियों को इस चार्ज की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के अनुमान के अनुसार, इस कदम से यूपीआई मर्चेंटपेमेंट वैल्यू के आधे हिस्से पर MDR लागू होने से साल 202728 तक एक बड़ा रेवेन्यू पूल तैयार हो सकता है। एनपीसीआई का कहना है कि इस MDR से मिलने वाले राजस्व को केवल यूपीआई इकोसिस्टम में ही दोबारा निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य यूपीआई के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करना, डिजिटल पेमेंट में नए इनोवेशन लाना, साइबर सुरक्षा को पुख्ता करना और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY