शनिवार, 12 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
UP AQIS Terrorist Arrest: आजमगढ़ में AQIS से जुड़ा आतंकी मोहम्मद नबील गिरफ्तार, यूपी ATS का एक्शन​ | पहले करोड़ों के नकली नोट, अब मिली 1.20 लाख के सिक्कों की खेप; PNB चेस्ट कांड से तो नहीं जुड़ा मामला?​ | टाटा संस की लिस्टिंग होना तय! RBI ने खारिज की सरेंडर अर्जी, समझें देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप पर असर​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

टाटा संस की लिस्टिंग होना तय! RBI ने खारिज की सरेंडर अर्जी, समझें देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप पर असर​

RBI ने Tata Sons की उस अर्जी को ठुकरा दिया है जिसमें उसने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट स्वेच्छा से सरेंडर करके ‘अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी’ के तौर पर क्लासिफाई होने की मांग की थी. इस फैसले से भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप की होल्डिंग कंपनी के पब्लिक लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है. ईटी […]

RBI ने Tata Sons की उस अर्जी को ठुकरा दिया है जिसमें उसने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट स्वेच्छा से सरेंडर करके ‘अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी’ के तौर पर क्लासिफाई होने की मांग की थी. इस फैसले से भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप की होल्डिंग कंपनी के पब्लिक लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है. ईटी क रिपोर्ट के अनुसार 11 सितंबर, 2026 के एक लेटर में, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा कि Tata Sons की 28 मार्च, 2024 की अर्जी और उसके बाद हुई बातचीत पर विचार करने के बाद, वह CoR को स्वेच्छा से सरेंडर करने की मांग को मंजूरी नहीं दे सकता.

RBI ने टाटा संस को गाइडलाइंस पूरा करने को कहा

RBI ने Tata Sons को सलाह दी है कि वह NBFCअपर लेयर कंपनियों पर लागू होने वाले सभी गाइडलाइंस और निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के लिए जरूरी कदम उठाए. इस घटनाक्रम का मतलब है कि Tata Sons पर NBFCUL कंपनियों के लिए लागू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू रहेगा. इस निर्देश ने उस अहम रेगुलेटरी रास्ते को बंद कर दिया है जिसे Tata Sons ने पब्लिक लिस्टिंग से बचने के लिए अपनाया था. कंपनी ने मार्च 2024 में अपनी कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी के रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करने के लिए अजी दी थी. RBI ने Tata Sons को 16 अपरलेयर नॉनबैंकिंग फ़ाइनेंशियल कंपनियों की लिस्ट में भी शामिल किया है, जिससे उस पर कड़ी रेगुलेटरी निगरानी होगी और लिस्टिंग अनिवार्य हो जाएगी. Tata Sons ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की. RBI की ओर से भी कोई बयान सामने नहीं आया है.

2 लाख करोड़ का टाटा संस

सेंट्रल बैंक का यह फैसला जून 2026 में उसके स्केलबेस्ड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में किए गए बदलाव के बाद आया है, जिसमें उसने किसी कंपनी को अपरलेयर NBFC के तौर पर क्लासिफाई करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की एसेट लिमिट तय की थी. 31 मार्च, 2026 तक Tata Sons की कुल एसेट 2.01 लाख करोड़ रुपए थी, जो तय लिमिट से दोगुने से भी ज्यादा थी. कंपनी ने डीरजिस्ट्रेशन पाने और लिस्टिंग से बचने की कोशिश में अपना सारा कर्ज़ चुका दिया था. हालांकि, RBI की शर्तों के अनुसार, सिर्फ वही कंपनियां 31 दिसंबर तक डीरजिस्ट्रेशन के लिए योग्य हो सकती हैं जिनके पास पब्लिक फंड नहीं है, जिनका ग्राहकों से कोई सीधा संपर्क नहीं है और जिनकी संपत्ति 1,000 करोड़ रुपए से कम है.

2022 से है अपर लेयर एनबीएफसी

टाटा संस, जिसका कारोबार स्टील और ऑटोमोबाइल से लेकर फाइनेंशियल सर्विस और सेमीकंडक्टर तक फैला है, 2022 से ‘अपरलेयर NBFC’ की श्रेणी में शामिल है. सेंट्रल बैंक ने यह भी कहा है कि एक बार जब कोई NBFC ‘अपर लेयर’ में आ जाती है, तो उस पर कम से कम पांच साल तक सख्त रेगुलेटरी नियम लागू रहेंगे, भले ही बाद की जांच में वह योग्यता की शर्तों को पूरा न करे. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने पहले कहा था कि ‘अपर लेयर NBFC’ वर्गीकरण के लिए बदले गए नियम सिद्धांतों पर आधारित हैं. मल्होत्रा ​​ने इस सवाल के जवाब में कहा ​कि तो, उन सिद्धांतों के अनुसार, सभी जानते हैं कि लिस्ट क्या है. और मामला यहीं तक है, कि क्या टाटा संस ‘अपर लेयर’ में बनी रहेगी.

शापूरजी पलोनजी ग्रुप को मिल सकती है राहत

टाटा ट्रस्ट्स, जो सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के जरिए टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी रखती है, ने जुलाई 2025 में एक प्रस्ताव पास करके होल्डिंग कंपनी को प्राइवेट ओनरशिप में ही रखने का फैसला किया. शापूरजी पलोनजी ग्रुप, जो 18.37 फीसदी हिस्सेदारी के साथ टाटा संस का सबसे बड़ा माइनॉरिटी शेयरहोल्डर है, कंपनी की लिस्टिंग को वैल्यू अनलॉक करने का सबसे व्यावहारिक तरीका मानता है. SP ग्रुप अपने अनुमानित 60,000 करोड़ रुपए के कर्ज का कुछ हिस्सा चुकाने के लिए अपनी होल्डिंग का कुछ हिस्सा बेचना चाहता है. फंड जुटाने के लिए उसके टाटा संस के कुछ शेयरों को गिरवी रखा गया है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY