देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की कमाई एक बार फिर चर्चा में है। वित्त वर्ष 202526 में उनका कुल पारिश्रमिक रिकॉर्ड ₹158.6 करोड़ रहा। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों को जोड़ें तो चंद्रशेखरन को करीब ₹685 करोड़ का पारिश्रमिक मिल चुका है। FY26 में मिला पैकेज टाटा संस द्वारा निदेशकों के पारिश्रमिक का खुलासा शुरू किए जाने के बाद चंद्रशेखरन की अब तक की सबसे अधिक सालाना कमाई बताई गई है।

N Chandrasekaran का जाने वेतन और कमीशन
चंद्रशेखरन के ₹158.6 करोड़ के FY26 पैकेज का बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन से जुड़े कमीशन से आया। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें करीब ₹17.9 करोड़ वेतन और अन्य लाभ शामिल रहे, जबकि लगभग ₹140.7 करोड़ कमीशन के रूप में मिले। यानी उनकी कुल कमाई में कमीशन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। दिलचस्प बात यह है कि जून में खबर आई थी कि चंद्रशेखरन ने FY26 के लिए वेतन वृद्धि नहीं लेने का फैसला किया था। इसके बावजूद प्रदर्शन से जुड़ी भुगतान व्यवस्था के चलते उनका कुल वार्षिक पारिश्रमिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
FY26 में टाटा संस का मुनाफा भी बढ़ा
चंद्रशेखरन के रिकॉर्ड पारिश्रमिक के साथ टाटा संस के वित्तीय प्रदर्शन में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्त वर्ष 202526 में कंपनी का कर के बाद मुनाफा करीब 21.8 प्रतिशत बढ़कर ₹31,961.11 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में ₹26,231.74 करोड़ था। वहीं कंपनी का राजस्व करीब 9.1 प्रतिशत बढ़कर ₹42,366.55 करोड़ पहुंचा। हालांकि समूह के कुछ नए कारोबारों में चुनौतियां बनी हुई हैं। खास तौर पर एयर इंडिया में नुकसान बढ़ने के कारण पूंजी आवंटन और नए व्यवसायों की लाभप्रदता पर भी लगातार नजर बनी हुई है।
2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे N Chandrasekaran
एन चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS के सीईओ और प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने डिजिटल, इलेक्ट्रिक वाहन, विमानन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश किए हैं। FY26 में उनका ₹158.6 करोड़ का पारिश्रमिक टाटा संस के सभी निदेशकों को मिले कुल भुगतान का करीब 80 प्रतिशत बताया गया है।
पांच वर्षों में लगभग ₹685 करोड़ की कुल कमाई और FY26 का रिकॉर्ड पैकेज अब भारतीय कॉरपोरेट जगत में शीर्ष अधिकारियों के वेतन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
: