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टाटा की 120 साल पुरानी कंपनी को हुआ जबरदस्त मुनाफा, नोएल टाटा ने कंपनी से लिया रिटायरमेंट का फैसला​

टाटा समूह की करीब 120 साल पुरानी कंपनी टाटा स्टील ने शुक्रवार को बताया कि वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स सालाना आधार पर 16.2% बढ़कर 3,699.59 करोड़ रुपए हो गया है. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3,183.09 करोड़ रुपए था. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी […]

टाटा समूह की करीब 120 साल पुरानी कंपनी टाटा स्टील ने शुक्रवार को बताया कि वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स सालाना आधार पर 16.2% बढ़कर 3,699.59 करोड़ रुपए हो गया है. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3,183.09 करोड़ रुपए था. वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.5% बढ़कर 65,436.24 करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 58,689.29 करोड़ रुपए था. इस बीच, नोएल नवल टाटा 11 नवंबर, 2026 को कामकाज के घंटे खत्म होने के साथ नॉनएग्जीक्यूटिव, नॉनइंडिपेंडेंट डायरेक्टर और बोर्ड के वाइस चेयरमैन के पद से रिटायर हो जाएंगे.

EBITDA में इजाफा

ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कंसोलिडेटेड कमाई 10,665 करोड़ रुपए रही, जिसका मार्जिन लगभग 16% है. EBITDA में तिमाही आधार पर 14% और सालाना आधार पर 17% का सुधार हुआ है. भारत में रेवेन्यू 42,653 करोड़ रुपए रहा, जबकि EBITDA 10,634 करोड़ रुपए रहा, जो 25% का EBITDA मार्जिन दर्शाता है. क्रूड स्टील का उत्पादन तिमाही आधार पर 7% बढ़कर 6.18 मिलियन टन हो गया, जबकि डिलीवरी 16% बढ़कर 5.98 मिलियन टन रही. नीदरलैंड में रेवेन्यू 1,395 मिलियन यूरो और EBITDA 72 मिलियन यूरो रहा. इसमें अगस्त की शुरुआत में ‘डायरेक्ट शीट प्लांट’ के फिर से शुरू होने से मदद मिली. लिक्विड स्टील का उत्पादन 1.52 मिलियन टन रहा, जबकि डिलीवरी 1.30 मिलियन टन रही.

यूके कारोबार में गिरावट

यूके में रेवेन्यू 411 मिलियन पाउंड रहा, जबकि EBITDA में 56 मिलियन पाउंड का नुकसान हुआ. इस तिमाही के दौरान डिलीवरी 0.38 मिलियन टन रही. वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में, समेकित राजस्व 1,26,231 करोड़ रुपए रहा, जबकि EBITDA 20,035 करोड़ रुपए रहा, जिसका मार्जिन लगभग 16% था. चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल के बावजूद, EBITDA में सालदरसाल 21% की वृद्धि हुई. भारत से राजस्व 79,641 करोड़ रुपए रहा, जबकि EBITDA 20,541 करोड़ रुपए रहा, जो 26% का मार्जिन दर्शाता है. EBITDA में सालदरसाल 27% का सुधार हुआ. नीदरलैंड में, राजस्व 2,840 मिलियन यूरो और EBITDA 76 मिलियन यूरो रहा. यूके में, राजस्व 895 मिलियन पाउंड रहा, जबकि EBITDA घाटा सालदरसाल 22% कम होकर 83 मिलियन पाउंड रह गया.

कितना रहा कैपिटल एक्सपेंडिचर

कंपनी ने इस तिमाही के दौरान लगभग 3,280 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष की पहली छमाही में 6,860 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय किया. चल रही प्रमुख परियोजनाओं में नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड में 4.8 MTPA क्षमता का विस्तार, 0.7 MTPA हॉट रोल्ड पिक्लिंग और गैल्वनाइजिंग लाइन, तथा 300 kt टिनप्लेट विस्तार शामिल हैं. शुद्ध कर्ज 91,423 करोड़ रुपए रहा, और नेट डेटटूEBITDA अनुपात 2.4 गुना रहा. समूह की लिक्विडिटी 40,076 करोड़ रुपए रही, जिसमें लगभग 10,300 करोड़ रुपए की नकदी और नकद समतुल्य शामिल हैं.

लगातार प्रगति कर रही है कंपनी प्रबंधन की टिप्पणी

सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि भूआर्थिक अनिश्चितता और कच्चे माल की हाई कॉस्ट के बावजूद, ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव और एक मजबूत सप्लाई चेन की मदद से, कंपनी भारत में अपने वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ एजेंडे पर लगातार प्रगति कर रही है. उन्होंने ऑटोमोटिव और स्पेशल प्रोडक्ट्स बिजनेस के शानदार प्रदर्शन, डाउनस्ट्रीम सेल्स में वृद्धि, और जहाज निर्माण, डेटा सेंटर तथा कंटेनर जैसे उभरते क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अपनी क्षमता विस्तार और डाउनस्ट्रीम विकास परियोजनाओं पर लगातार प्रगति कर रही है. अंतरराष्ट्रीय कामकाज के बारे में बात करते हुए, नरेंद्रन ने बताया कि नीदरलैंड में ‘डायरेक्ट शीट प्लांट’ के फिर से शुरू होने से प्रोडक्ट मिक्स और कॉस्ट प्रोफाइल में सुधार हुआ है. वहीं, UK में कंपनी को बाजार की मुश्किल स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका कारण आयात में बढ़ोतरी और वैल्यू चेन के विभिन्न हिस्सों में इन्वेंट्री का जमा होना है.

नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड का मर्जर

कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, कौशिक चटर्जी ने कहा कि भारत में वॉल्यूम बढ़ने और नीदरलैंड में कामकाज के सामान्य होने से, उतारचढ़ाव भरे माहौल के बीच इनपुट कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी की भरपाई करने में मदद मिली है. उन्होंने बताया कि NCLT की अंतिम मंजूरी मिलने पर, इस वित्तीय वर्ष के दौरान ‘नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड’ का टाटा स्टील में विलय पूरा हो जाएगा. इसके अलावा, UK में कंपनी के ‘इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस’ प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है, और इसके निर्माण कार्य में तेजी आ रही है. चटर्जी ने आगे कहा कि टाटा स्टील कैश फ्लो को मजबूत करने के लिए कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन , कामकाज में सुधार और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर ध्यान दे रही है. परिणामों की घोषणा से पहले, शुक्रवार को BSE पर टाटा स्टील के शेयर 2.20 फीसदी की बढ़त के साथ 186 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए. इससे पहले, ये शेयर 182 रुपए पर बंद हुए थे.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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