जियो प्लेटफॉर्म्स की मेगा लिस्टिंग ने रिलायंस ग्रुप को भारत का सबसे मूल्यवान ग्रुप बनने में मदद की है. इसका कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 28 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है, जिससे इसने टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है—एक ऐसा समूह जिसका कारोबार नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक फैला हुआ है. जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से पहले, रिलायंस ग्रुप का कुल मार्केट कैप लगभग 18 लाख करोड़ रुपए था. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी सबसे बड़ी थी, जिसकी मार्केट वैल्यू 16 लाख करोड़ रुपए थी. इसके बाद जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का नंबर आता है, जिसकी वैल्यू 1 लाख करोड़ रुपए से थोड़ी अधिक थी.

जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित शुरुआत की. यह 1,358 रुपए पर लिस्ट हुआ, जो इसके 1,119 रुपए के IPO प्राइस से 21% अधिक था. लिस्टिंग के समय इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 12.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक था. उसके बाद शेयर बाजार बंद होने के बाद कंपनी का शेयर 1400 रुपए पार कर गया और कंपनी का मार्केट कैप 13 लाख करोड़ रुपए के पार चला गया. इसके साथ ही, रिलायंस ग्रुप की 13 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 28 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है.
भारत के अन्य सबसे मूल्यवान समूह कौन से हैं?
टाटा ग्रुप, जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, ट्रेंट और टाइटन जैसी 18 लिस्टेड कंपनियां शामिल हैं, का कुल मार्केट कैप लगभग 26 लाख करोड़ रुपए है. यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा समूह है, जिसके बाद अडानी ग्रुप और HDFC ग्रुप का स्थान आता है.
जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक नया बेंचमार्क भी स्थापित किया है. यह अपनी मूल कंपनी RIL के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है. इसने टेलीकॉम सेक्टर की अपनी प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल को पीछे छोड़ दिया है, जो अब भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में तीसरे स्थान पर खिसक गई है.
कंपनी के शेयरों में करीब 27 फीसदी की तेजी
खास बात तो ये है कि शेयर बाजार बंद होने तक जियो के शेयर 27 फीसदी की तेजी के साथ 1417.35 रुपए पर आ गई. इसका मतलब है कि कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले में 298.35 रुपए के प्रीमियम के साथ बंद हुआ. इस तेजी के कारण जियो प्लेटफॉर्म का मार्केट कैप 10.30 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 13.05 लाख करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि कंपनी के मार्केट कैप में 2.75 लाख करोड़ रुपए का इजाफा देखने को मिला है.
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO
जियो की बाजार में यह बहुप्रतीक्षित शुरुआत इसके मेगा IPO के बाद हुई है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, तीन दिनों की पब्लिक बिडिंग के दौरान निवेशकों ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई और इसे ऑफर साइज से 22.19 गुना सब्सक्राइब किया गया. इसमें इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की मांग सबसे अधिक रही. बिडिंग खत्म होने तक ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ कैटेगरी 70.55 गुना सब्सक्राइब हुई. नॉनइंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर सेगमेंट 14 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर कैटेगरी में उनके लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.72 गुना बोलियां प्राप्त हुईं.
तोड़े कई रिकॉर्ड
इस टेलीकॉम दिग्गज के 30,213 करोड़ रुपए के पहले पब्लिक इश्यू ने कई रिकॉर्ड तोड़े. इसमें भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO का खिताब भी शामिल है, जिसने 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपए के IPO को पीछे छोड़ दिया. इस इश्यू ने फंड जुटाने, एंकर निवेशकों की मांग और आवेदनों के मामले में नए रिकॉर्ड बनाए. साथ ही, भारत के पांच सबसे बड़े IPO में इसे सबसे ज्यादा ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ का सब्सक्रिप्शन मिला. इश्यू से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, यह खुलने के 100 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया और इसे लगभग 1.4 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए.