फिल्म इंडस्ट्री में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मशहूर फिल्ममेकर जोया अख्तर और रीमा कागती के प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी के ऑफिस से से 66 हार्ड डिस्क गायब होने से हड़कंप मच गया। इन हार्ड डिस्क में फिल्मों, वेब सीरीज और विज्ञापन प्रोजेक्ट्स से जुड़ा बहुत ही अहम और गोपनीय डेटा था, जिसके चोरी होने के बाद फिल्ममेकर ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच में इस चोरी से करीब 12 से 13 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है, लेकिन अगर डेटा लीक होता है तो इससे लाखों का नुकसान करोड़ों तक पहुंच सकता है।
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बांद्रा ऑफिस से हुई चोरी
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब 21 मई 2026 को टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी के ऑफिस में कर्मचारियों को एक प्रोजेक्ट के लिए कुछ हार्ड डिस्क की जरूरत पड़ी, लेकिन जब काफी ढूंढने पर भी हार्ड डिस्क नहीं मिली तो स्टाफ ने स्टोरेज कैबिनेट की जांच की। जांच के दौरान कई हार्ड डिस्क के खाली और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बॉक्स मिले। शुरुआत में तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य कारण की आशंका जताई गई, लेकिन बाद में मामला चोरी का निकला।
दो लोग हुए गिरफ्तार
हार्ड डिस्क न मिलने पर कंपनी की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट और एचआर एडमिन मेहजबीन मुश्ताक शेख ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया, जिनकी पहचान मोहम्मद शाहिद अजीम खान और रितेश के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पांच महीने में 24 हार्ड डिस्क की चोरी और खरीद-फरोख्त
पुलिस पूछताछ में आरोपी शाहिद अजीम खान ने बड़ा खुलासा करते हुए कबूल किया कि उसने पिछले पांच महीनों में कंपनी के ऑफिस से 24 हार्ड डिस्क चोरी करके बेची हैं। आरोपी ने बताया कि उसने ये सभी हार्ड डिस्क बोरीवली निवासी रितेश नामक व्यक्ति को 15 से 20 हजार रुपये प्रति डिस्क के हिसाब से बेची हैं। हालांकि, उसने बाकी गायब हार्ड डिस्क के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की गई डिस्क आखिर कहां पहुंचीं और उनका डेटा कहीं लीक तो नहीं हुआ।
119 डिस्क में से 66 गायब
जांच में सामने आया है कि ऑफिस में कुल 119 हार्ड डिस्क थीं, जिनमें जरूरी डेटा मौजूद था। इन 119 डिस्क में से 66 गायब हैं। इनमें 16TB से लेकर 72TB तक की हाई-कैपेसिटी स्टोरेज डिवाइसेस शामिल थीं। इन हार्ड डिस्क में फिल्मों की रॉ फुटेज, एडिटेड कंटेंट, शूटिंग आर्काइव पोस्ट-प्रोडक्शन फाइल्स, और विज्ञापन प्रोजेक्ट्स का डेटा स्टोर था। सूत्रों के मुताबिक, इन डेटा में “मेड इन हेवेन”, “घोस्ट स्टोरीज”, “नायका” और “गांधी मनी” जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का कंटेंट भी शामिल था। कुछ डिस्क में अप्रकाशित और संवेदनशील डेटा भी मौजूद था, जिससे डेटा लीक का खतरा और बढ़ गया है।
अन्य कर्मचारी पर भी शक
इस पूरी वारदात में ऑफिस के एक अन्य कर्मचारी कल्पेश पवार के भी चोरी में शामिल होने का शक जताया जा रहा है। हालांकि कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि उसकी भूमिका की जांच अभी जारी है। इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। डिजिटल दौर में फिल्मों और वेब सीरीज का पूरा निर्माण और पोस्ट-प्रोडक्शन डेटा पर निर्भर होता है। ऐसे में इस तरह की चोरी न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि बड़े प्रोजेक्ट्स की रिलीज और गोपनीयता पर भी खतरा पैदा कर सकती है। फिलहाल बांद्रा पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित डेटा चोरी गिरोह तो सक्रिय नहीं है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 29 में तक कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में भेजा है।
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