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जिस लेडी जज ने 39 दोषियों को सुनाई सजा, अब खुद हैं कैदी नंबर- 71… ट्विशा डेथ मिस्ट्री में सास गिरिबाला सिंह कैसे बनीं आरोपी?

जिस लेडी जज ने 39 दोषियों को सुनाई सजा, अब खुद हैं कैदी नंबर- 71… ट्विशा डेथ मिस्ट्री में सास गिरिबाला सिंह कैसे बनीं आरोपी?

Bhopal Twisha Sharma News: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. कभी अदालत में न्याय देने वाली गिरिबाला सिंह आज खुद जांच के दायरे में हैं. मामले में आरोपी बनाए गए गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल की जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. यहां जेल में उन्हें कैदी नंबर 71 के रूप में रखा गया है. CBI की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद 2 जून को अदालत ने यह फैसला सुनाया. दोनों आरोपियों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा. इस मामले की जांच CBI कर रही है और लगातार नए तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है.

जिस लेडी जज ने 39 दोषियों को सुनाई सजा, अब खुद हैं कैदी नंबर- 71… ट्विशा डेथ मिस्ट्री में सास गिरिबाला सिंह कैसे बनीं आरोपी?
जिस लेडी जज ने 39 दोषियों को सुनाई सजा, अब खुद हैं कैदी नंबर- 71… ट्विशा डेथ मिस्ट्री में सास गिरिबाला सिंह कैसे बनीं आरोपी?

गिरिबाला सिंह का न्यायिक करियर मध्य प्रदेश की अदालतों में लंबे समय तक प्रभावशाली माना जाता रहा. उन्होंने अपने कार्यकाल में हत्या, महिला अपराध, बच्चों के खिलाफ अपराध और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई की. कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार, वो अनुशासनप्रिय और सख्त निर्णयों के लिए जानी जाती थीं. अदालत में उनकी कार्यशैली ऐसी थी कि अधिकारी और कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ कोर्ट में उपस्थित रहते थे.

39 दोषियों को किया दंडित

न्यायिक अभिलेख बताते हैं कि उन्होंने विभिन्न स्तरों पर न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं. जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय दिए. खासकर संवेदनशील अपराधों में उनका रुख कठोर माना जाता था. अपने करियर के दौरान उन्होंने दर्जनों मामलों में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को सजा सुनाई. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 39 दोषियों को दंडित करने वाले फैसलों से उनका नाम न्यायिक क्षेत्र में स्थापित हुआ.

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अदालत परिसर में उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली माना जाता था. कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट रूम में उनकी मौजूदगी अनुशासन और गंभीरता का संदेश देती थीं. न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी वे कानूनी जगत में एक सम्मानित नाम के रूप में देखी जाती थीं. यही कारण है कि वर्तमान घटनाक्रम ने कई लोगों को हैरान कर दिया है.

न्यायिक हिरासत में कैदी नंबर- 71

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच ने मामले को नया मोड़ दिया है. जांच एजेंसियां मौत से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं और इसी क्रम में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. इस प्रक्रिया के बीच गिरिबाला सिंह का नाम भी जांच के दायरे में आया, जिसके बाद मामला और अधिक सुर्खियों में पहुंच गया.

बताया जा रहा कि पूर्व न्यायिक अधिकारी को न्यायिक हिरासत के दौरान कैदी नंबर 71 के रूप में दर्ज किया गया है. न्याय व्यवस्था में लंबे समय तक अहम भूमिका निभाने वाली शख्सियत का इस तरह किसी आपराधिक जांच में शामिल होना लोगों के लिए असामान्य स्थिति माना जा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक इस घटनाक्रम पर लगातार चर्चा जारी है.

हालांकि, मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और एजेंसियां विभिन्न तथ्यों की पुष्टि में जुटी हैं. ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. फिलहाल ट्विशा शर्मा मौत मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं बल्कि एक ऐसे घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है जिसमें न्याय की कुर्सी पर बैठ चुकी एक पूर्व जज खुद सवालों के घेरे में आ गई हैं.

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