OpenAI से एक और इस्तीफे ने AI इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। दरअसल कंपनी के सेफ्टी लीड ने AI को परमाणु विस्फोट के बराबर का खतरनाक बताते हुए डेविड रॉबिन्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि कंपनियां AI के खतरों से निपटने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा रही हैं। रॉबिन्सन का तर्क है कि अभी तक कंपनियां ट्रायल और एरर के आधार पर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने चेताया है कि AI के मामले में छोटी सी चूक परमाणु स्तर की आपदा साबित हो सकती है।
न्यूक्लियर पावर प्लांट जैसी हो सुरक्षा
डेविड रॉबिन्सन ने द अटलांटिक में एक लेख लिखा है, जिसमें उनका मत है कि टॉप AI कंपनियों को न्यूक्लियर पावर प्लांट की तर्ज पर काम करना चाहिए। उन्होंने लिखा कि जिस तरह एक न्यूक्लियर पावर प्लांट में सुरक्षा के कई स्तर होते हैं और हर कदम के लिए सावधानी से योजना बनाई जाती है।
इसी तरह AI मॉडल्स के लिए भी सिस्टम होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि AI को लेकर होने वाली कोई भूल परमाणु विस्फोट जैसे बड़े विनाश का रास्ता न खोल दे।
सिस्टम के आउट ऑफ कंट्रोल होने का हवाला
रिपोर्ट्स के अनुसार राबिन्सन ने चिंता जताई कि जैसेजैसे AI की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं, इसके विफल होने का जोखिम भी उसी रफ्तार से खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। उन्होंने इसे लेकर टेस्टिंग में OpenAI द्वारा अपने सिस्टम को ही अनियंत्रित होने से न रोक पाने का उदाहरण दिया। उन्होंने साफ किया कि उन्हें अपने साथियों की मेहनत पर शक नहीं है लेकिन एक लॉन्च के बाद दूसरे की अंधी होड़ के बीच जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इंडस्ट्री में ही उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि रॉबिन्सन ऐसे पहले शख्स नहीं हैं, जिन्होंने इस तरह के सवाल उठाए हैं। उनसे पहले भी कई AI कंपनियों के कर्मचारी इस तकनीक से हो सकने वाले विनाशकारी खतरों के बारे में खुलकर बात कर रहे हैं।
कुछ एक्सपर्ट्स तो यहां तक अंदेशा जता चुके हैं कि अगर समय रहते इस तकनीक पर काबू नहीं पाया गया, तो एक दिन यह इंसानी सभ्यता के अस्तित्व के लिए भी खतरा बन सकती है।
एंथ्रोपिक के सीईओ कर चुके रफ्तार धीमी करने की मांग
इन तमाम खतरों को भांपते हुए दिग्गज AI कंपनी एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई भी टेक कंपनियों से अपनी रफ्तार धीमी करने की मांग कर चुके हैं। इसके अलावा वे तकनीक की सुरक्षा जांच थर्डपार्टी से कराने की योजना भी पेश की है, जिसका समर्थन OpenAI के सैम ऑल्टमैन ने भी किया है।