‘ओ खाइके पान बनारस वाला’…इस गाने को सुनते ही नजरों के सामने अमिताभ बच्चन का मस्त मौला अंदाज सामने आ जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि ये गाना कभी 1978 में आई फिल्म ‘डॉन’ के लिए लिखा ही नहीं गया था।

70’s के दशक में फिल्ममेकर्स और फैंस की पहली पसंद बन गए थे अमिताभ बच्चन। बैक-टू- बैक हिट फिल्म करने के बाद एक फिल्म आई डॉन और एक गाना खाइके पान बनारस वाला। इस गाने ने अमिताभ बच्चन के फिल्मी करियर को एक अलग पंख दे दिए थे। ये गाना सभी के मुंह पर चढ़ गया था। ये गाना एक फुल एंटरटेनिंग पैकेस है। अमिताभ ने इस गाने को जिस तरह से पर्दे पर उतारा वो काबिल-ए-तारीफ था।
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इस गाने के बोल थोड़े फ्लर्टी भी है और थोड़े मजाकिया भी। ऐसे बोल जिससे आज की जेनेरेशन भी कनेक्ट करती है। जैसे- “ओ खइके पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अकल का ताला”। ये लाइन बनारस के पान का मतलब परफेक्ट तरीके से समझाती है। और खास बात कि इन लिरिक्स को जिस तरह से किशोर कुमार ने गाया है वो भी काफी अलग है चाहे वो गाने के बीच ली गईं हिचकिंया हो या फिर उसी मजाकिया अंदाज से उसे गाना।
इस गाने के म्यूज़िक, डांस स्टेप्स और अमिताभ के इलाहाबादी स्टाइल ने इसे और ज्यादा अलग बना दिया था। ये गाना आज भी पार्टीज़ की जान माना जाता है। भले ही ये गाना 1978 में आया हो पर 2026 में भी इसके शौकीन कम नही है। इसके अंदाजा इस बात से लगाइए कि इसके यूट्यूब वीडियो पर करोड़ों व्यूज़ है औऱ कमेंट्स सेक्शन में फैंस इसकी आज भी तारीफ करते है।
डॉन के लिए नहीं था ये गाना
‘डॉन’ फिल्म से जुड़े कई मजेदार किस्से है, उन्हीं में से एक ये भी है। अभिनेत्री ज़ीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था कि ओ ‘खाइके पान बनारस वाला’ गाना देव आनंद की फिल्म ‘बनारसी बाबू’ के लिए लिखा गया था न कि ‘डॉन’ के लिए। ज़ीनत अमान ने ये भी बताया था कि किस अमिताभ से अपनी लंबाई मिलाने के लिए इस पूरे गाने में हाई हील्स पहननी पड़ी थी।
ज़ीनत अमान ने अपने एक इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट करते हुए बताया था कि “ये गाना जब ‘बनारसी बाबू’ के लिए बनाया गया तो सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया था क्योंकि ये काफी हल्का-फुल्का और मस्तमौला गाना था जो ‘बनारसी बाबू’ की कहानी के साथ जम नहीं रहा था।
ये भी देखें – https://www.youtube.com/watch?v=VyqhPYe0vew&list=RDVyqhPYe0vew&start_radio=1
साथ ही ‘डॉन’ फिल्म के निर्देशक चंद्र बरोट अपनी फिल्म ‘डॉन’ को पूरा कर चुके थे। डॉन की कहानी थाड़ी इंटेंस थी। जिसकी वजह से फिल्म में एक मजाकिया अंदाज डालने के लिए चंद्र बरोट ने इस गाने को अपनी फिल्म में ले लिया।
जब अमिताभ ने खाए 15 पान
इस गाने का निर्देशन कल्याणजी और आनंदजी ने किया था और इसके बोल अनजान ने लिखे थे। इस फिल्म से जुड़े वैसे कई सारे किस्से अहम है। कहा जाता है कि इस गाने को शूट करने के लिए अमिताभ को करीब 15 से ज्यादा पान खाने पड़े थे। जिसकी वजह से उनका मुंह छिल भी गया था।
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मनोज कुमार ने दी वजह
अभिनेता मनोज कुमार डॉन फिल्म की स्क्रीनिंग खत्म होने के बाद निर्देशक चंद्र बरोट के पास गए और बोले कि फिल्म तो अच्छी है, दर्शकों को सीट से बांधे रखती है लेकिन इसके गाने और कहानी सब काफी संगीन है।
चंद्र बरोट को ये बात समझ आ चुकी थी कि फिल्म में थोड़ा मनोरंजन और डालना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें चाहिए था ऐसा जाना जो सबकी जुबान पर चढ़ जाए। तब याद आया खाइके पान बनारस वाला जो 1973 में बनाया गया था। और यकीनन ये एक ऐसा गाना है जो आज तक लोगों की जुबान से नहीं उतरा।
किशोर कुमार ने गाने से किया मना
लिरिसिस्ट अनजान के बेटे समीर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘सिंगर किशोर कुमार ने इस गाने के बोल सुनकर इसे गाने से मना कर दिया था। तब उनके पिता ने किशोर कुमार को समझाया था और बाद में इस गाने में रियल फील डालने के लिए गाना रिकॉर्ड करते वक्त उन्होंने स्टूडियो में कई पान चबाए थे।
डॉन के बारे में
इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, जीनत अमान, प्राण, इत्तेफाक और हेलन समेत तमाम स्टार्स नजर आए। इस फिल्म में अमिताभ ने डबल रोल प्ले किया था। इस फिल्म के गाने ‘मैं हूं डॉन’, ‘ये है बॉम्बे नगरिया’, ‘जिसका मुझे था इंतजार’ और ”ये मेरा दिल” जैसे कई गाने थे और सभी को खूब प्यार मिला। लेकिन ‘खाइके पान बनारस वाला’ गाना इस फिल्म के लिए बेहद खास साबित हुआ।





