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क्या होती है डांस थेरेपी? कैसे से फिजिकल के साथ मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद​

डांस/मूवमेंट थेरेपी एक ऐसा प्रोसेस है जिसे सोशल मेलजोल को बढ़ाने से लेकर सोचनेसमझने की क्षमता और शारीरिक तालमेल को इंप्रूव करने के लिए किया जाता है. ये एक तरह की क्रिएटिव साइकोथेरेपी होती है जो मेंटली दुरुस्त रखने के साथ ही शरीर की मजबूती और लचीलापन भी बढ़ाती है. तो चलिए जान लेते हैं […]

डांस/मूवमेंट थेरेपी एक ऐसा प्रोसेस है जिसे सोशल मेलजोल को बढ़ाने से लेकर सोचनेसमझने की क्षमता और शारीरिक तालमेल को इंप्रूव करने के लिए किया जाता है. ये एक तरह की क्रिएटिव साइकोथेरेपी होती है जो मेंटली दुरुस्त रखने के साथ ही शरीर की मजबूती और लचीलापन भी बढ़ाती है. तो चलिए जान लेते हैं कि आखिर ये थेरेपी कैसे काम करती है और क्या वजहें हैं कि ये फिजिकल के साथ मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है.

डांस थेरेपी में बातचीत के अलावा शरीर की हलचल और बिना बोले जाने वाले कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे साइकोलॉजिकल और बिहेवियरल समस्याओं को संभालने में मदद मिलती है. ये थेरेपी अपने शरीर में छिपी उन चीजों को खोजने की एक प्रक्रिया है, जिसे कभीकभी इंसान अनदेखा कर देता है या फिर अपनी उन भावनाओं के जाहिर करने में सक्षम नहीं होता है.

क्या होती है टेक्नीक?

डांस थेरेपी की टेक्निक हर इंसान के लिए अलग होती है, क्योंकि ये इस बात पर निर्भर करता है कि वो खुद को कितना सेफ महसूस कर रहे हैं और अपनी बॉडी के साथ कितने सहज हैं. इसी के साथ वो मूवमेंट के जरिए खुद को असल तरीके से जाहिर करने में कितने सक्षम हैं. हालांकि इस पूरे प्रोसेस में ज्यादातर बिना बातचीत के ही मूवमेंट किए जाते हैं.

डांस थेरेपी में आपके थेरेपिस्ट मूवमेंट और आपकी भावनाओं के बीच के संबंधों को समझने और जानने में मदद करते हैं. इसके अलावा शरीर के इमोशन और सांस लेने की प्रक्रिया के बीच जागरूकता बढ़ाते हैं. ठीक होने के प्रोसेस को बढ़ावा देने के लिए खास तरह के मूवमेंट करवाए जाते हैं और ये बातचीत पर आधारित थेरेपी के तरीके भी अपना सकते हैं. डांस थेरेपिस्ट मिरर तकनीक को अपना सकते हैं, जिसमें किसी दूसरे के डांस के स्टेप्स को कॉपी करके भावनाओं को व्यक्त करना है शामिल हो सकता है.

Getty Images

फिजिकल हेल्थ पर डांस थेरेपी का असर

जब आप डांस थेरेपी लेते हैं तो बॉडी के अलगअलग पार्ट्स से लगातार मूवमेंट करते हैं. इससे मांसपेशियों की एक्टिविटी बढ़ती है और बॉडी बैलेंस के साथ ही कोऑर्डिेशन यानी शरीर के अंगों का तालमेल बेहतर होता है. ये बॉडी पोस्चर सुधारने से लेकर शरीर के प्रति जागरूकता लाने में भी हेल्पफुल है और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है. इसी के साथ ये थेरेपी आपको फिट रखने में मदद करती है और एनर्जेटिक महसूस कराती है.

मेंटली क्या होता है इसका फायदा?

मूवमेंट और संगीत आपके स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे मानसिक थकान भी कम होती है और मूड बेहतर बनता है. ये भावनाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम होता है, जिससे अकेलापन महसूस होने जैसी दिक्कतों में कमी आ सकती है और इसी के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है. इससे सोशल बिहेवियर भी अच्छा हो सकता है, क्योंकि लोग ग्रुप्स में होते हैं जिससे एक दूसरे से जुड़ने का मौका मिलता है. डांस थेरेपी से शरीर और दिमाग के बीच भी तालमेल बैठाने में मदद मिलती है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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